Raj Kapoor Death Anniversary: हिंदी फिल्मों में ऐसे कई अभिनेता हुए हैं जिनके किरदारों ने लोगों के दिलों को छुआ है मगर ऐसे बहुत कम कलाकार हुए हैं जिनकी कहानी और जिनके किरदार लोगों ने अपने अंदर उतारा है. इसी फेहरिस्त में हिन्दी सिनेमा के शोमैन कहे जाने वाले अभिनेता राज कपूर (Raj Kapoor) का नाम सबसे ऊपर है. आज हिंदी सिनेमा के इस स्तंभ की पुण्यतिथि है. अपनी शुरूआती फ़िल्मों से लेकर प्रेम कहानियों को मादक अंदाज से परदे पर पेश करने वाले राज कपूर अभिनेता होने के साथ-साथ एक कामयाब निर्देशक और निर्माता भी थे.Also Read - Bollywood Holi Party: राज कपूर ने शुरु किया था होली पार्टी का ट्रेंड, Amitabh-Javed के घर लगती थी रौनक- देखें फोटो

राज कपूर

ऐसे कहते हैं न, हर छोटी सीढ़ी इंसान को बड़ी मंज़िल तक पहुंचाती है. ठीक उसी तरह इस कलाकार ने भी अपने संघर्षों को अपनी जीत में तब्दील कर ख़ुद को इस मायानगरी का गॉडफादर बना दिया. सन् 1935 में मात्र 11 वर्ष की उम्र में राजकपूर ने फ़िल्म ‘इंकलाब’ में अभिनय किया था. उस समय वे बॉम्बे टॉकीज़ स्टुडिओ में सहायक (helper) का काम करते थे. राज कपूर ने 17 साल की उम्र में ‘रंजीत मूवीकॉम’ और ‘बॉम्बे टॉकीज’ फिल्म प्रोडक्शन कंपनी में स्पॉटबॉय का काम शुरू किया. इस दौरान इस एक्टर को थप्पड़ भी खानी पड़ी थी. Also Read - Mandakini Reaction On Rajiv Kapoor Death: Rajiv Kapoor के निधन पर भावुक हुईं 'राम तेरी गंगा मैली' की को-स्टार Mandakini, कही यह बात..

राज कपूर

साल 1947 में मधुबाला के अपोजिट नीलकमल फिल्म से अपने करियर की शुरुआत करने वाले एक्टर राज कपूर ने आग, बरसात, आवारा, बूट पॉलिश, श्री 420 और जागते रहो जैसी फिल्मों में काम कर अपना लोहा मनवा लिया था. इसके साथ-साथ उन्होंने आग, बरसात, आवारा, श्री 420, संगम और मेरा नाम जोकर जैसी फिल्मों का निर्देशन भी कर अपना नाम पुख्ता कर लिया था. Also Read - दिलीप कुमार और राज कपूर के पुश्तैनी मकानों की कीमत मकान मालिकों ने 25 और 200 करोड़ रुपए मांगी

2 जून, 1988 को दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से एक्टर का निधन हो गया था. राज कपूर हिन्दी सिनेमा के इतिहास में वो मील का पत्थर साबित हो गए जिनके नक़्शेकदम पर कई नस्लों ने अदाकारी सीखी है और सीखेंगे.