Rajesh Khanna Birth Anniversary: बॉलीवुड के पहले सुपरस्‍टार कहे जाने वाले अभिनेता राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) का आज जन्मदिन है. हिंदी सिनेमा के ‘काका’ आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं मगर उनकी फिल्में और उनके किरदार हमेशा हमारे दिलों में ज़िंदा रहेंगे. 29 दिसम्बर 1942 को ब्रिटिश भारत के अमृतसर में जन्में (Rajesh Khanna Birthday) राजेश खन्ना का जीवन किसी फ़िल्मी कहानी से कम नहीं हैं. दिलचस्प बात तो ये है कि आज ही के दिन उनकी बेटी ट्विंकल खन्ना का भी जन्म हुआ था. 70 के दशक में राजेश खन्ना का स्टारडम देखने लायक था. ‘काका’ का पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ हमेशा से सुर्ख़ियों में रहा है. आज बर्थडे के मौके पर जानते हैं राजेश खन्ना (Unknown Facts about Rajesh Khanna) से जुड़ी कुछ रोचक और अनसुनी बातें:Also Read - OMG! बॉलीवुड के इन सुपरस्टार्स ने B-Grade फिल्मों में पार की हैं सारी हदें...LIST देखकर सिर चकरा जाएगा- Photos

Rajesh-Khanna

Screen-grab From Movie Anand. Photo Courtesy: YouTube/Shemaroo

राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था. राजेश खन्ना को उनके रिश्तेदार ने गोद लिया था. बाद में उनके अंकल ने जतिन से बदलकर उनका नाम राजेश रख दिया. Also Read - बर्फ में 8 दिनों तक मुमताज को कंधे पर उठाकर चले थे Rajesh Khanna, बाद में ऐसी हो गई थी 'काका' की हालत

साल 1966 में उन्होंने आखिरी खत नामक फ़िल्म से अपने अभिनय की शुरुआत की थी. Also Read - राजेश खन्ना की पुण्यतिथि पर बेटी ट्विंकल खन्ना हुईं इमोशनल, पोस्ट शेयर कर बोलीं- अभी भी ज़िंदा हैं...

लड़कियों के बीच राजेश खन्ना बेहद लोकप्रिय थे. लड़कियां उन्हें खून से खत लिखे. कुछ ने तो उनकी फोटो से शादी तक कर ली थी. कुछ ने अपने हाथ व जांघ पर उनका नाम तक गुदवा लिया था.

राजेश खन्ना की सफलता के पीछे संगीतकार आरडी बर्मन और गायक किशोर कुमार का अहम योगदान रहा. इस तिकड़ी के अधिकांश गीत हिट साबित हुए. जो कि आज भी सुने जाते हैं.

राजीव गांधी के कहने पर राजेश राजनीति में आए. कांग्रेस की तरफ से कुछ चुनाव भी उन्होंने लड़े. जीते भी और हारे भी. लालकृष्ण आडवाणी को उन्होंने चुनाव में कड़ी टक्कर दी और शत्रुघ्न सिन्हा को भी हराया लेकिन बाद में उन्होंने सियासी मैदान से सन्यास ले लिया.

डिम्पल कपाड़िया और राजेश खन्ना

कहा जाता है कि राजेश खन्ना ने बहुत सारा पैसा लॉटरी चलाने वाली एक कंपनी में लगा रखा था. जिसके जरिए उन्हें बहुत आमदनी होती थी.

1966-72 के दशक में एक फैशन डिजाइनर व अभिनेत्री अंजू महेन्द्रू से राजेश खन्ना का प्रेम प्रसंग चर्चा में रहा. बाद में उन्होंने डिम्पल कपाड़िया से मार्च 1973 में विवाह कर लिया था लेकिन जब डिम्पल की ‘बॉबी’ फिल्म आई तब उनके रिश्ते में दरार आ गई और फिर दोनों पति-पत्नी 1984 में अलग हो गए. इस फैसले के बाद भी दोनों एक दूसरे का बेहद ख्याल रखते थे.

राजेश खन्ना ने 1969-72 में लगातार 15 सोलो सुपरहिट फ़िल्में दी – आराधना, इत्त्फ़ाक़, दो रास्ते, बंधन, डोली, सफ़र, खामोशी, कटी पतंग, आन मिलो सजना, ट्रैन, आनन्द, सच्चा झूठा, दुश्मन, महबूब की मेंहदी, हाथी मेरे साथी.

राजेश खन्ना

  राजेश खन्ना को फिल्मफेयर पुरस्कार के लिये चौदह बार तथा बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट अवार्ड के लिये पच्चीस बार नामांकित किया गया.

जून 2012 में खबर आई की काका की तबियत ख़राब चल रही है. इस दौरान उन्हें दो बार अस्पताल में भारती कराया गया पर आखिर में 18 जुलाई 2012 को यह खबर प्रसारित हुई कि सुपरस्टार राजेश खन्ना नहीं रहे.