राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता राजकुमार राव अभिनय को किसी प्रतियोगिता की तरह नहीं देखते हैं. उन्होंने कहा कि यह उनकी निजी यात्रा है. राजकुमार की शोबिज में यह ‘निजी यात्रा’ 2010 में फिल्म ‘रण’ के साथ शुरू हुई थी लेकिन तीन दोस्तों की मित्रता पर आधारित 2013 की फिल्म ‘काय पो छे’ ने उन्हें पहचान दिलाई. Also Read - अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स को लेकर राजकुमार राव ने शेयर की अपनी फीलिंग्स, आप भी देखिए

राजकुमार ने ट्विटर पर रविवार को एक तस्वीर साझा की जिसमें वह सूट पहने आइने के सामने खड़े खुद को निहार रहे हैं. तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “मेरे लिए अभिनय कोई प्रतियोगिता नहीं है. यह बहुत ही निजी यात्रा है. मेरी प्रतियोगिता केवल आइने के सामने खड़े शख्स से और एक कलाकार के रूप में हर फिल्म के साथ आगे बढ़ने को लेकर है.” Also Read - सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म 'दिल बेचारा' का प्रमोशन करेंगे ये एक्टर

राजकुमार फिलहाल फिल्म ‘ओमर्टा’ में अपनी अदाकारी के लिए तारीफें बटोर रहे हैं. बता दें कि हंसल मेहता हमेशा लीक से हटकर फ़िल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं. ‘ओमर्टा’ एक इटेलियन शब्द है, जिसका अर्थ ‘कोड ऑफ साइलेंस’ होता है.

सिनेमा जानकारों के मुताबिक ओमर्टा शब्द इटैलियन शब्द ओमिटा से बना है, जिसका अर्थ आतंकवादियों और उनके कार्य करने के तरीके (Modus operandi) से है. विशेषज्ञों ने बताया कि यह शब्द एक किस्म का सम्मान है जो किसी आंतकवादी को चुप रहने के लिए दिया जाता है.
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