दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को सूचना और प्रसारण मंत्रालय समेत अन्य को निर्देश दिया है कि वह अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह को मीडिया द्वारा फॉलो किए जाने से रोके. साथ ही रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर 15 अक्टूबर तक एक स्टेटस रिपोर्ट दायर करे. मंत्रालय और अन्य लोगों को अभिनेत्री रकुल प्रीत द्वारा दायर याचिका पर अदालत के पहले के आदेश के मद्देनजर उठाए गए कदमों के बारे में बताने के लिए भी कहा गया था. इस याचिका में ड्रग मामले की जांच को लेकर मीडिया में चल रहे शो या उनके बारे में आर्टिकल प्रकाशित करने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है.Also Read - MCD ने वाहन जब्त कर लगाया 12 लाख का जुर्माना, तो हाईकोर्ट ने कहा- नगर निगम को यह अधिकार नहीं

न्यायमूर्ति नवीन चावला ने मंत्रालय, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन को सुनवाई की अगली तारीख (15 अक्टूबर) तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. Also Read - Doctor G के लिए भोपाल पहुंची Rakul Preet Singh, पोहा-जलेबी के लिए ललचाया मन

Rakul Preet Singh's Team Confirms Receiving Summons After NCB Says She 'Made Excuses'

Rakul Preet Singh (Photo Courtesy: Instagram/@rakulpreet)

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चल रही सुनवाई के दौरान रकुल प्रीत के वकील अमन हिंगोरानी ने दलील दी कि उनकी चिंताओं पर किसी भी वैधानिक निकाय ने कोई कदम नहीं उठाया है. उन्होंने कहा, “उच्च न्यायालय के पास पर्याप्त शक्तियां हैं. जबकि जांच चल रही है ऐसे मे ऐसी खबरों को रोकना होगा.” Also Read - Monalisa Hot Photo Shoot: शॉर्ट ड्रेस में मोनालिसा का दिखा Bold अंदाज, देखें भोजपुरी एक्ट्रेस की कातिल अदाएं..

हिंगोरानी ने अभिनेत्री के हवाले से कहा, “मुझे मामले में एक गवाह के रूप में बुलाया गया है. जबकि इस बारे में गलत खबरें फैलाई जा रही हैं कि मैं ड्रग्स लेती हूं और इसका स्टॉक करती हूं. जबकि मैं ना शराब पीती हूं और धूम्रपान करती हूं.”

इस बीच एनबीए ने अपने वकील के माध्यम से कहा कि कई चैनल इसका हिस्सा नहीं हैं और जो हैं उन्हें इसके लिए जवाब देना होगा.

आईएंडबी मिनिस्ट्री की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने कहा, “मंत्रालय इसे लेकर कार्यवाही कर रहा है. मैं समझ सकता हूं कि मेरे दोस्त का क्लाइंट मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है.”

Rakul Preet Singh

Rakul Preet Singh
Photo Credit: Instagram/@rakulpreet

बता दें कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने 17 सितंबर को केंद्र, नेशनल ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन और अन्य से रकुल प्रीत की याचिका पर जबाव मांगा था. रकुल की याचिका में कहा गया है कि मीडिया को कुछ संयम बरतने की जरूरत है. मीडिया को अफसरों से पहले ही जानकारी मिल जाती है, इससे उनके मुवक्किल की प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है.

इसके बाद 26 सितंबर को रकुल ने फिर से दिल्ली हाई कोर्ट से मीडिया शो पर प्रतिबंध लगाने और उनके खिलाफ लेख प्रकाशित करने के लिए तत्काल अंतरिम निर्देश देने की मांग की थी.

अधिवक्ता हिमांशु यादव, अमन हिंगोरानी और श्वेता हिंगोरानी के माध्यम से दायर की गई याचिका में दावा किया गया है कि रकुल प्रीत 20 सितंबर को टीवी पर खबर देखकर हैरान रह गईं कि एनसीबी ने उन्हें रिया चक्रवर्ती के ड्रग्स मामले को लेकर चल रही जांच में 24 सितंबर को मुंबई में पेश होने के लिए कहा है. जबकि याचिकाकर्ता को उसके हैदराबाद या मुंबई के पते पर एनसीबी से ऐसा कोई समन नहीं मिला था.

बाद में याचिकाकर्ता के जांच में शामिल होने के लिए 23.9.2020 की शाम को मुंबई पहुंचने की भी झूठी खबर चलाई गई. जबकि वॉट्सऐप के जरिए उन्हें 24.9.2020 को समन मिला.