नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिल की धड़कन रणवीर सिंह को लोगों का उनके प्रति लगाव अच्छा लगता है. उन्होंने स्वीकार किया कि पर्दे की दुनिया में रहना सपने को जीने जैसा है. अभिनेता ने उत्साह और प्यारी-सी मुस्कान के साथ सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेलिब्रिटी होने के साथ कुछ जिम्मेदारियां भी ऊपर आ जाती हैं, जिसे उन्होंने खुशी-खुशी गले लगाया है. लेकिन ये जिम्मेदारियां उन्हें उनके पहले प्यार अभिनय से दूर नहीं कर सकतीं.

रणवीर ने कहा, “सेलिब्रिटी का जीवन आसान नहीं है. बहुत सारी परीक्षाएं हैं. मोबाइल फोन और स्मार्ट फोन आने के साथ यह और जटिल हो गया है. यहां हमेशा सजग रहना पड़ता है, कभी-कभी तो बहुत अधिक ध्यान देना पड़ता है.” उन्होंने कहा, “लेकिन ये सारी चीजें आपको आगे ले जाती हैं. अगर आपने कलाकार बनने का निर्णय लिया है तो आपकी तरफ नजरें होती हैं और मैं इस बात को लेकर खुश हूं कि लोगों का ध्यान मेरी तरफ है.”

वर्ष 2010 की फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ के साथ करियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता ने कहा कि बचपन के दिनों से ही वह लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच लेते थे. हॉलीवुड फिल्म ‘डेडपूल 2’ के हिंदी संस्करण में रयान रेनॉल्ड के डेडपूल को अपनी आवाज देने वाले अभिनेता ने कहा, “इसलिए मेरे लिए यह सपना जीने जैसा है. लोग लाइमलाइट में आना चाहते हैं, इसलिए यदि आपको वहां होने का अवसर मिला है, तो आपको इसे सकारात्मक रूप में देखना चाहिए. मुझे जीवन के किसी भी पहलू में कोई दबाव महसूस नहीं होता.”

यह पूछे जाने पर कि सेलिब्रिटी स्टेटस के साथ कुछ खास जिम्मेदारी भी आती है और रणवीर इसे संभालना सीख रहे हैं? उन्होंने कहा, “यहां कई ऐसी चीजें हैं, जिसे आप एक ऐसे व्यक्ति के रूप में कर सकते हैं, जो प्रसिद्ध नहीं है, लेकिन उसी को सार्वजनिक हस्ती हो जाने पर आप नहीं कर सकते. मैंने धीरे-धीरे समझना शुरू किया, लेकिन कभी-कभी इन सारी चीजों के बीच आप सबसे महत्वपूर्ण चीज से ध्यान नहीं हटा सकते हैं, यानी फिल्मों में अभिनय.”

‘डेडपूल 2’ के अलावा, रणवीर के खाते में जोया अख्तर की ‘गुली बॉय’, रोहित शेट्टी की ‘सिंबा’ और कबीर खान की ’83’ भी है.