अभिनेत्री कंगना रनौत रहस्यवाद को आकर्षक मानती हैं और वे योगी सद्गुरु से मिलने के लिए उत्सुक हैं. कंगना बुधवार को यहां सद्गुरु से मिलेंगी.’क्वीन’ अभिनेत्री ने कहा, “मैं जितने लोगों से मिली हूं उनमें सद्गुरु सबसे ज्यादा विद्वान हैं. रहस्यवाद सिर्फ समृद्धि और शांति पाने का दरवाजा नहीं है. मैं मानती हूं कि अगर हम इंसान भौतिकता से परे आयामों में जा सकते हैं, तो हम दुनिया बदल सकते हैं. इतनी विशाल दुनिया से बाहर झांकने का यह हमारी छोटा सा कदम है.” Also Read - कंगना रनौत ने स्‍थाई रूप से ट्विटर अकाउंट बंद किए जाने पर दिया ये रिएक्‍शन...

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कंगना ने कहा कि वे हमेशा से रहस्यवाद की ओर आकर्षित रही हैं और सद्गुरु की किताब ‘इनर इंजीनियरिंग’ से प्रभावित हैं.उन्होंने यह भी कहा कि वस्तुओं और क्रियाओं के लिए स्वामी विवेकानंद की प्रयोगवादी और वैज्ञानिक सोच से वह बहुत ज्यादा प्रभावित हुई हैं. कंगना फिलहाल रानी लक्ष्मीबाई की जीवनी ‘मणिकर्णिका : द क्वीन ऑफ झांसी’ और कॉमेडी फिल्म ‘मेंटल है क्या’ में काम करेंगी.

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बता दें, फिल्म मणिकर्णिका कंगना रनौत की बड़ी फिल्म है. यही वजह है कि इस फिल्म में काम करने के लिए वो जी-तोड़ मेहनत कर रही हैं. फिल्म की कहानी रानी लक्ष्मीबाई और ब्रिटिशर्श के बीच हुई लड़ाई पर बेस्ड है. फिल्म में कंगना ने अपने किरदार को र‍ियल दि‍खाने के लिए काफी मेहनत की है. इस फिल्म में दिखाए ज्यादातर एक्शन सीन कंगना ने खुद किए हैं.

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इस फिल्म में कंगना की मेहनत हमें 2019 के शुरूआत में देखने को मिलेगी.फिल्म का टीजर 15 अगस्त को रिलीज किया जाएगा. कंगना हाल ही में कोयंबटूर से 30 किमी दूर स्थि‍त ध्यानलिंग आदिशक्त‍ि आश्रम पहुंचीं और वहां उन्होंने भोलेनाथ की पूजा अर्चना की. कंगना की ये तस्वीरें वायरल हुई थीं.

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बता दें,  1857 की नायक रहीं वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 1828 में बनारस में एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था. रानी लक्ष्‍मीबाई का बचपन तुलसी घाट के बगल अस्सी और रीवा घाट पर बीता. यहीं घाट की सीढ़ियों पर उन्होंने घुड़सवारी और तलवारबाजी भी सीखी. बाद में जीवन में कई उतार चढ़ाव आये. बच्चे को खोया, फिर पति को खोया, फिर राजपाट खोया. लेकिन नहीं खोया तो आत्मबल. फ़िल्म में उनके जीवन की घटनाओं को छूने की कोशिश होगी. फिल्म ‘मणिकर्णिका’के लेखक विजयेन्द्र प्रसाद हैं, जिन्होंने ‘बजरंगी भाईजान’ और ‘बाहुबली’ जैसी फिल्मों की कहानियां लिखी है.

 

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