Republic Day 2021 Movies: 26 जनवरी (26 January ) यानि की गणतंत्र दिवस (Republic Day) 1950 भारत के इतिहास का वो दिन है, जिस दिन भारत का संविधान लागू हुआ था. भारत का संविधान ही वो ताकत है, जो दुनिया में हिंदुस्तान को बेहद अलग दर्जा देता है. बचपन से लेकर आजततक आपने इसके बारे में सुना होगा पढ़ा होगा या शायद कभी इसका इस्तेमाल भी किया होगा. किताब से लेकर फिल्मी पर्दे तक कई बार हमारे संविधान (Constitution) से जुड़ी बातों की चर्चाएं हुई हैं. तो चलिए जानते हैं आखिर बॉलीवुड ने कब हमें फिल्मों के माध्यम से अपने अधिकारों के बारे में याद दिलाया यूं कहें कि किन-किन फिल्मों में भारत के संविधान की चर्चाएं हुई हैं. Also Read - 26 जनवरी को लाल किले पर नहीं हुआ तिरंगे का अपमान, वीडियो में नहीं दिखी ऐसी कोई बात: शिवसेना

1.आर्टिकल 15 (Article 15)
साल 2019 में रिलीज हुई इस फिल्म में ‘आर्टिकल-15’ (Article 15) में आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) ने शानदार काम किया था. आर्टिकल 15 (Article 15) के तहत फिल्म में ये दिखाने की कोशिश की गई थी कि राज्य अपने किसी नागरिक के साथ केवल धर्म, जाति, लिंग, नस्ल और जन्म स्थान या इनमें से किसी भी आधार पर कोई विभेद नहीं करेगा. Also Read - Republic Day Violence: गणतंत्र दिवस हिंसा के खिलाफ याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, लाल किले पर फहराया गया था धार्मिक ध्वज

2. सेक्शन 375 ( Section 375)
फिल्म ‘सेक्शन 375’ ( Section 375) में सेक्स को लेकर बने भारतीय कानूनों के बारे में बात करती है. फिल्म में अक्षय खन्ना (Akshaye Khanna)और रिचा चड्ढा (Richa Chadha) ने शानदार काम किया था. इस धारा के अनुसार यदि कोई व्यक्ति 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के साथ उसकी सहमति से भी संबंध बनाता है, तो यह अपराध भी दुष्कर्म की श्रेणी में ही माना जाता है. फिल्म में इस सेक्शन को लेकर बहस हुई थी और इसका गलत इस्तेमाल कैसे होता है उसपर फिल्म ने शानदार मुद्दा उठाया था. Also Read - Farmers Protest: संयुक्त किसान मोर्चा का दावा, ट्रैक्टर परेड के बाद से लापता हैं 100 से अधिक लोग; किया गया समिति का गठन

3.अलीगढ़ (Aligarh)
फिल्म अलीगढ़ (Aligarh) में भी धारा 377 की बात की गई थी, इस फिल्म में मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) ने एक बार फिर से बेहतरीन काम किया था. हसंल मेहता के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने समलैंगिकों के अधिकार के लिए बने धारा 377 की बात का जिक्र किया था.

4. ऑफ माय गॉड (Oh My God!)
परेश रावल (Paresh Rawel) स्टारर फिल्म ‘ओह माय गॉड’ (Oh My God!) में बेहद अलग तरह का मुद्दा उठाया गया था. दरअशल इस फिल्म में भगवान के खिलाफ केस चलता है जिसे ‘एक्ट ऑफ गॉड’ (Act Of God) कहा जाता है उसके बारे में दर्शको को बताया गया था.