‘मेरे महबूब कयामत होगी’, ‘मेरे सामने वाली खिड़की में’, ‘मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू’ जैसे लोकप्रिय गीतों के लिए मशहूर पार्श्र्वगायक किशोर कुमार हिंदी फिल्म-जगत के एक ऐसे धरोहर हैं, जिसे बनाने-संवारने में कुदरत को भी सदियों लग जाते हैं। आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी विरासत अमर है। किशोर कुमार के नगमों ने किसका दिल नहीं चुराया? उन्होंने लाखों के दिलों पर राज किया। उनकी मधुर आवाज का जादू लोगों के सिर चढ़ कर बोला, और आज भी बोल रहा है। ऐसे हरफनमौला किशोर कुमार ऋषि कपूर ने एक अलग अंदाज में याद किया।

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ऋषि कपूर ट्विटर पर काफी सक्रिय रहते हैं। आज किशोर कुमार के जन्मदिन पर उन्हें याद करते हुए एक बहुत पुरानी फोटो शेयर की। इसमें किशोर दा और रफी साहब दोनों साथ में नजर आ रहे हैं। इस फोटो में ऋषि कपूर और अभिनेता जितेंद्र भी शामिल हैं। आप भी देखिए ऋषि कपूर ने क्या लिखा?

 

उसके बाद एक और ट्वीट में ऋषि कपूर ने लिखा कि किशोर दा हमें इतने बेहतरीन गानें देने के लिए आपका बहुत शुक्रिया। अगर किशोर कुमार आज जीवित होते तो 83 वाँ जन्मदिन मना रहे होते।

 

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मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में गांगुली परिवार में जन्मे किशोर कुमार के पिता का नाम कुंजालाल गांगुली और माता का नाम गौरी देवी था। उनके बचपन का नाम आभास कुमार गांगुली था। चार अगस्त, 1929 को जन्मे आभास कुमार ने फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान किशोर कुमार के नाम से बनाई। वह अपने भाई बहनों में सबसे छोटे थे। उनके पिता कुंजीलाल खंडवा के बहुत बड़े वकील थे। किशोर कुमार को अपनी जन्मभूमि से काफी लगाव था। वह जब किसी सार्वजनिक मंच पर या किसी समारोह में अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करते तो शान से खंडवा का नाम लेते। अपनी जन्मभूमि और मातृभूमि के प्रति ऐसा जज्बा कम लोगों में देखने को मिलता है।