मुंबई: जल्द ही फिल्म ‘सांड की आंख’ में नजर आने वाली अभिनेत्री तापसी पन्नू का कहना है कि अभी भी अभिनेत्रियों को अभिनेताओं को किए जाने वाले कुल भुगतान के मुकाबले पांच से 10 प्रतिशत ही दिया जाता है. खास तौर पर इसलिए, क्योंकि दर्शक पुरुष प्रधान फिल्में अधिक देखते हैं. ‘सांड की आंख’ की अपनी सह-अभिनेत्री भूमि पेडनेकर के साथ यहां मुंबई में फिल्म के एक प्रमोशनल कार्यक्रम के दौरान तापसी ने कहा, “मैं लोगों से अपील करना चाहूंगी कि वे महिला प्रधान फिल्मों को भी बराबर मौका दें, तभी बदलाव आएगा.

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तापसी ने कहा कि अभी भी हम (अभिनेत्रियां) अभिनेताओं के वेतन के मुकाबले मात्र 5 से 10 प्रतिशत ही वेतन पाती हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि आप सब महिला-प्रधान फिल्मों से ज्यादा, पुरुष-प्रधान फिल्में देखने ज्यादा जाते हैं. अगर आप फिल्में (महिला केंद्रित) देखने जाएंगे तभी सही मायने में हमारे उद्योग में समानता आएगी. आप सब हमें इसे प्राप्त करने में मदद करें.” ‘सांड की आंख’ फिल्म 25 अक्टूबर को रिलीज होने जा रही है.

अगर इस फिल्म की बात की जाए तो इस फिल्म की कहानी हरियाणा की दो वृद्ध महिलाओं के बारे में हैं जो रियल लाइफ में बेहतरीन शूटर्स हैं. ये फिल्म चंद्रो और प्रकाशी तोमर नाम की महिलाओं की जिंदगी पर आधारित है. इस फिल्म को अनुराग कश्यप प्रोड्यूस कर रहे हैं.