डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी का एक बयान बहस का मुद्दा बन गया है. सब्यसाची का मानना है कि महिलाओं को साड़ी न पहनकर वेस्टर्न आउटफिट को तरजीह देना शर्म की बात है. उनका कहना है कि अगर आप मुझसे कहती हैं कि आपको साड़ी पहनना नहीं आती तो मैं कहूंगा कि आपको शर्म करनी चाहिए. साड़ी हमारी संस्कृति का एक हिस्सा है. आपको इसके लिए आगे आना चाहिए.

सब्यसाची ने ये बयान शनिवार को हावर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस में भारतीय छात्रों को संबोधित करते हुए दिया. सब्यसाची से किसी ने साड़ी पहनने के दौरान होने वाली परेशानियों के बारे में पूछा था. उन्होंने कहा था साड़ी भारतीय महिला की पहचान है, औऱ एक खूबसूरत पोशाक है.

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सब्यसाची ने बातचीत में दीपिका पादुकोण का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, दीपिका को भी साड़ी पहनना बेहद पसंद है. वे जहां भी जाती हैं साड़ी पहनती है. इसे पहनना बहुत आसान है बशर्ते मन होना चाहिए. सब्यसाची ने कहा साड़ी को पहनकर तो युद्ध तक लड़े गए हैं. दादी मांएं साड़ी पहनकर सो जाती थीं और सुबह उठती थीं तो इस पर जरा भी सिकुड़न नहीं होती थी.

सब्यसाची के इस बयान के बाद लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई है. एक महिला ने विरोध दर्ज कराते हुए ट्विटर पर लिखा, “सब्यसाची अलविदा, आपने कितनी उथली बात की है. रिकॉर्ड के लिए बता दूं कि मुझे भी नहीं पता कि साड़ी कैसे पहनूं.”

सब्सयाची से जब धोती के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि भारतीय महिलाओं ने साड़ी को जिंदा रखा है लेकिन धोती का चलन दम तोड़ चुका है.