मुंबई. बाल ठाकरे के जीवन पर आधारित ‘ठाकरे’ (Thackeray) फिल्म की पटकथा लिखने वाले राजनेता संजय राऊत (Sanjay Raut) ने बुधवार को कहा कि कोई भी फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता और फिल्म पर आपत्ति उठाने वाली केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) शिवसेना के संस्थापक के दृष्टिकोण को समझेगी. फिल्म के ट्रेलर लांच के मौके पर राऊत ने यहां बुधवार को मीडिया से कहा, “हमने बालासाहेब को ठीक वैसे ही पेश किया है जैसे वह हैं, जैसे उन्होंने अपने लोगों और राजनीतिक स्थिति पर विचार रखें हैं.” उन्होंने कहा, “हमने कुछ भी गढ़ा नहीं है. फिल्म के निर्देशक अभिजीत पनसे ने फिल्म में सबकुछ वास्तविक तरीके से दर्शाया है.”

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शिवसेना नेता ने कहा, “कोई भी फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता. यह ठाकरे की कहानी है. कैसे कोई उसे रोक सकता है? बालासाहब ने अपने समय में कई लोगों पर प्रतिबंध लगाया. क्या आपलोग इसे भूल गए? कैसे सीबीएफसी यह निर्णय कर सकती है कि बाला साहेब की जिंदगी में क्या सही था या क्या गलत था? केवल परिवार के लोग यह जानते हैं. मैं निश्चिंत हूं कि सेंसर बोर्ड बालासाहेब के दृष्टिकोण को समझेगा. वे समय लेंगे, लेकिन वे समझ जाएंगे.” रिपोर्ट के मुताबिक, ‘ठाकरे’ के टेलर के कुछ दृश्यों और वाक्यों को लेकर आपत्ति उठाई गई है, जिससे संभवत: समस्या उत्पन्न हो सकती है और धार्मिक भावनाएं भड़क सकती है.

फिल्म में मुख्य भुमिका राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दकी ने निभाई है. फिल्म का ट्रेलर लांच कार्निवल, आइमेक्स थियेटर में किया गया, जहां शिवसेना पार्टी और ठाकरे के हजारों समर्थक मौजूद थे. उनके परिवार के सदस्य उद्धव ठाकरे, रश्मि ठाकरे और कलाकार अमृता राव समेत फिल्म के अन्य सदस्य भी मौजूद थे. ‘ठाकरे’ 25 जनवरी को हिंदी और मराठी भाषा में रिलीज होगी.

(इनपुट – एजेंसी)