भारत की तीन फिल्मों ‘गली गुलियां’, ‘संजू’ और ‘न्यूटन’ को ऑस्ट्रेलियन एकेडमी ऑफ सिनेमा एंड टेलीविजन आर्ट्स (एएसीटीए) पुरस्कार के सर्वश्रेष्ठ एशियाई फिल्म वर्ग के लिए नामित किया गया है. एएसीटीए ने कहा कि एशियाई फिल्मों ने पिछले एक साल में ऑस्ट्रेलियाई बॉक्स ऑफिस पर 3.6 करोड़ डॉलर का कारोबार किया जो एशियाई सिनेमा की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है.

सर्वश्रेष्ठ एशियाई फिल्म के लिए एएसीटीए पुरस्कार एशियाई क्षेत्रों की फिल्मों की असाधारण क्षमता के साथ न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया में, बल्कि विश्व में उनकी बढ़ती लोकप्रियता को मान्यता देने के लिए शुरू किया गया. एएसीटीए ने एक बयान में कहा, ‘‘इस साल के सर्वश्रेष्ठ एशियाई फिल्म नामांकनों में पिछले साल सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली एशियाई फिल्मों से लेकर बॉक्स ऑफिस पर हिट रही फिल्मों और पाम डीओर (कान फिल्म महोत्सव) में धूम मचाने वाली फिल्मों के अलावा ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा वर्ग की कई फिल्मों को शामिल किया गया है.’’

अन्य फिल्मों में दक्षिण कोरिया की ‘1984 व्हेन द डे कम्स’, ताइवानी फिल्म ‘द बोल्ड, द करप्ट एंड द ब्यूटीफुल’, दो चीनी फिल्में ‘डाइंग टू सरवाइव’ और ‘यूथ’, जापानी फिल्म ‘शॉपलिफ्टर्स’ और मलेशिया की फिल्म ‘तोंबिरू’ शामिल हैं. विजेता फिल्म की घोषणा ऑस्कर विजेता रसेल क्रो के नेतृत्व वाली ज्यूरी करेगी. क्रो इस ज्यूरी के अध्यक्ष हैं.

जानी मानी हिन्दी फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी और अभिनेता अनुपम खेर भी ऑस्ट्रेलियाई फिल्म समीक्षकों, निर्माता एवं प्रस्तोता मार्गरेट पोमेरैंज के साथ ज्यूरी का हिस्सा होंगे. बता दें कि संजू बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त की बायोप्क है और उनके जीवन के उतार चढ़ाव को दिखाती है. वहीं न्यूटन एक सरकारी ऑफिसर की कहानी है जो अपनी जान पर खेलकर नक्सलवादी इलाके में चुनाव संपन्न कराता है.