सारा अली खान का कहना है कि वह अपनी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ में अपने काम को उत्तराखंड के लोगों को नहीं दिखा पाने को लेकर निराश हैं. सारा ने बतौर अभिनेत्री अपने करियर की शुरुआत इसी राज्य से की है. फिल्म में ‘लव जिहाद’ को कथित रूप से बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कुछ वर्गो ने फिल्म की रिलीज पर आपत्ति उठाई थी जिस कारण उत्तराखंड में यह फिल्म रिलीज नहीं हुई.

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इस पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर सारा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हां, मैं निराश हूं. यह बहुत अजीब तरह की निराशा है जो किसी और बात से नहीं हुई है, सिवा इस बात के कि उत्तराखंड ने मुझे बहुत कुछ दिया है, केदारनाथ में उन 45 दिनों की शूटिंग ने मुझे बहुत कुछ दिया इसलिए वहां रहने वालों को मैं कम से कम फिल्म ‘केदारनाथ’ तो दे सकती थी. लेकिन अब क्या किया जा सकता है.”

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों पर फिल्माई गई इस फिल्म की कहानी एक हिंदू लड़की के मुस्लिम लड़के के साथ प्यार और उनके विभिन्न धर्मो के कारण सामाजिक विरोध के इर्द-गिर्द घूमती है.

फिल्म इसकी शूटिंग की शुरुआत से ही कथित रूप से हिंदू भावनाओं को आहत करने और ‘लव जिहाद’ को बढ़ावा देने के कारण विवाद में पड़ गई थी.

बता दें, फिल्म के डायरेक्टर अभिषेक कपूर हैं. इस फिल्म में सुशांत सिंह एक पिट्ठू की भूमिका निभा रहे हैं. पिट्ठू पहाड़ी रास्‍तों पर लोगों को एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान तक पहुंचाने का काम करते हैं. सारा अली खान की दूसरी फिल्म ‘सिम्बा’ है. जिसमें वे रणवीर सिंह के साथ नजर आएंगी, और ‘सिम्बा’ को रोहित शेट्टी ने डायरेक्ट किया है.

(इनपुट एजेंसी)

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