पाकिस्तानी अभिनेत्री, मॉडल व गायिका मीशा शफी ने जो गायक-अभिनेता अली जफर पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं, वह सुनकर मॉडल और गायिका अक्सा अली अचंभित हैं. अक्सा का कहना है कि ये आरोप बेबुनियाद हैं. अक्सा ने बचाव करते हुए कहा कि अली एक सच्चे इंसान हैं और अपने आस-पास के सभी लोगों को इज्जत और सम्मान देते हैं.

पिछले महीने मीशा ने ट्विटर पर अभिनेता-गायक अली जफर पर आरोप लगाया था कि उन्होंने कई बार मीशा का यौन उत्पीड़न किया है. इसके साथ ही वैश्विक मुहिम ‘मी टू’ ने पाकिस्तान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी. अली ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि वह इस मामले के खिलाफ कानूनी सहारा लेंगे.

अक्सा ने उनका बचाव करते हुए कहा, “इन आरोपों ने मुझे अचंभित कर दिया, क्योंकि प्रत्यक्ष रूप से दोनों लोग दोस्त हैं और वे एक-दूसरे को कॉलेज के दिनों से जानते हैं. मैं खुद फैशन उद्योग से हूं और एक मॉडल के रूप में काम कर रही हूं. अब मैं गायिका बनने के जुनून को पूरा करने के लिए काम कर रही हूं.”

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इन आरोपों का कोई मतलब है, इन आरोपों में कई विरोधाभास दिखते हैं. महिला सशक्तिकरण की समर्थक मैं भी हूं लेकिन बातों का कुछ मतलब भी तो होना चाहिए.”

उन्होंने कहा कि मीशा ने जिस कार्यक्रम में अली द्वारा खुद के उत्पीड़न की बात कही है उस समय उनके साथ पूरा बैंड समूह था. उन्होंने कहा, “उस समय उनके कार्यक्रम आयोजक भी थे. आरोप सुनकर मैं चौंक गई, क्योंकि तब कुछ हुआ ही नहीं था.”

उन्होंने कहा, “मैं अली के साथ पिछले कुछ सालों से काम कर रही हूं तथा कार्यक्रमों के लिए उनके साथ यात्रा भी करती रहती हूं. यह हमेशा ही एक अच्छा अनुभव रहा है. उनके साथ काम करते समय मैं बहुत सहज महसूस करती हूं और हमेशा कुछ नया सीखती हूं.”

उन्होंने कहा, “खुलकर और सच बोलने के लिए मुझ पर हमला करना सही नहीं है. मीशा के कई समर्थकों ने यह कहते हुए मेरी बात का विरोध किया कि मैं पहले से ही अली के बैंड में काम करती हूं या मुझे ऐसा करने के लिए बोला गया होगा.”

उन्होंने कहा, “ऐसी महिलाओं के लिए मेरा सीधा संदेश है कि एक महिला का समर्थन करते हुए दूसरी महिला का अपमान मत करना. मेरे लिए यह महिला सशक्तिकरण नहीं है.”

उन्होंने कहा, “‘मी टू’ एक सशक्त अभियान है लेकिन मुझे लगता है कि यह अमेरिका और यूरोप के लोगों के लिए बेहतर है. यह महिलाओं को सशक्त करने के लिए है, लेकिन सशक्तिकरण के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं.”