प्रख्यात अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने मंगलवार को कहा कि इन दशकों में हिंदी फिल्म उद्योग में महिलाओं की भूमिका में काफी बदलाव आया है और वे महत्वपूर्ण किरदार निभा रही हैं, लेकिन पुरुषों और महिलाओं के बीच पारिश्रमिक में अंतर अब भी बरकरार है। शर्मिला ने यहां 21वें कोलकाता अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के मौके पर संवाददाताओं से कहा, “कोई समानता नहीं है। अभिनेताओं को अब भी ज्यादा मिलता है और अभिनेत्रियों को कम। इसे बदलना जरूरी है। मेरे समय में काफी फर्क था। निश्चित तौर पर उस समय महिलाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण नहीं होती थी, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।” यह भी पढ़े – शर्मिला टैगोर को असहिष्णुता पर बॉलीवुड से एकजुटता की उम्मीद

‘पीकू’ और ‘दिल धड़कने दो’ का उदाहरण देते हुए शर्मिला ने कहा कि फिल्म उद्योग में महिलाओं की स्थिति बदल रही है। शर्मिला ने कहा, “चीजें बदल रही हैं और उसमें समय लगेगा, लेकिन हमें निराश नहीं होना चाहिए।”हालांकि शर्मिला ने कहा कि कुछ फिल्में अब भी महिलाओं को दोयम दर्जे की भूमिकाओं में दर्शाती हैं।