नई दिल्ली: फिल्मकार शेखर कपूर का मानना है कि कंटेंट की गुणवत्ता मायने रखती है, न कि स्क्रीन का आकार. शेखर कपूर ने बुधवार को ट्वीट किया, “लोगों में डर है कि बड़े स्क्रीन के लिए बनी फिल्में कभी भी टीवी, वीडियो या फोन जैसे छोटी स्क्रीन पर प्रभावी नहीं होंगी. मिस्टर इंडिया के 99 प्रतिशत प्रशंसकों ने इसे कभी भी बड़े पर्दे पर नहीं देखा है. और वे अब भी इसे छोटे स्क्रीन पर देखने का आनंद ले रहे हैं. लिहाजा कंटेंट मायने रखता है.” Also Read - फिल्मकार शेखर कपूर करना चाहते हैं सुशांत सिंह के लिए ये काम, बोले- एक दिन ज़रूर... 

कंटेंट की गुणवत्ता के बारे में फिल्म निर्माता की राय ऐसे समय में आई है, जब देश भर के सिनेमाघर कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए बंद किए गए हैं. जिसके कारण विशेष रूप से छोटे और मध्यम बजट की फिल्में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो रही हैं. Also Read - जब 'सरदार खान' ने 'बैंडिट क्वीन' के दिनों को किया याद, इस निर्देशक ने सबसे पहले थामा था हाथ  

कपूर के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक उपयोगकर्ता ने लिखा, “मेरी बेटी को यह फिल्म बहुत पसंद है और वह कह रही है कि पापा मैं चीन के खिलाफ लड़ने के लिए मिस्टर इंडिया क्यों नहीं बन सकती.” इस पर कपूर ने जबाव दिया, “मैं आपकी बेटी को अ²श्य होने के लिए मिस्टर इंडिया का सीक्रेट फॉर्मूला भेजूंगा.”

इससे पहले उन्होंने मंगलवार को “थियेटर स्टार सिस्टम” खत्म होने को लेकर ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा था, “थिएटर कम से कम एक साल नहीं खुलेंगे. ऐसे में पहले हफ्ते में 100 करोड़ रुपये का बिजनेस करने के प्रचार सिस्टम अब खत्म हो चुके हैं. सितारों को मौजूदा ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जाना होगा.”