भारतीय इतिहास में 30 जनवरी का दिन काफी खास रहा है. हिंदी सिनेमा में अब तक महात्मा गांधी के जीवन पर ढेरों फ़िल्में बन चुकी हैं जिन्हें लोगों ने काफी पसंद किया. ऐसी ही एक शार्ट फिल्म है जिसका नाम है ‘द अदर पेयर’ जो गांधी जी की लाइफ से जुड़ी है. फिल्म को सराह रोजिक ने डायरेक्ट किया है. Also Read - आज ही के दिन महात्मा गांधी की गोली मारकर की गई थी हत्या, पीएम मोदी ने कहा- महान बापू लाखों लोगों के आदर्श

फिल्म की कहानी की शुरुआत एक रेलवे स्टेशन से होती है जहां एक गरीब बच्चा है जिसके पास एक टूटी हुई चप्पल है. जिसे वह बार-बार बनाने की कोशिश करता है ताकी वह उसे पहन कर चल सके. इस बीच अचानक उसके सामने से एक और बच्चा आता है जिसने हाल ही में नए जूते ख़रीदे हैं और वह उन्हें बार-बार साफ करता है. गरीब बच्चे की नजर उस बच्चे के चमकते हुए जूते पर पड़ती है. जिसे वह बड़ी ही हिफाजत से बचा-बचा कर चलता है. Also Read - महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी की मांग- 'बापू' की हत्या के समय हर साल सायरन बजाने की परंपरा हो बहाल

इस बीच अचानक उस बच्चे की ट्रेन आ जाती है और वह आपाधापी में अपने एक पांव के जूते को ट्रेन के नीचे गिरा देता है. जिसे देखकर वह गरीब बच्चा उसके जूते देने के लिए उसके पीछे भागता है. लेकिन काफी कोशिश के बाद भी वह गरीब बच्चा उस बच्चे को जूता देने में कामयाब नहीं हो पाता. जिसके बाद ट्रेन पर सवार उस बच्चे ने जो फैसला लिया वो आपको महात्मा गांधी की याद दिलाएगा.. ‘फिल्म की कहानी बतलाती है कि हमें बिना किसी उम्मीद के दूसरों की मदद करनी चाहिए’ Also Read - अमेरिका में किसान आंदोलन का उग्र समर्थन, महात्मा गाँधी की प्रतिमा तोड़ी, खालिस्तानी झंडे लहराया