नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस) बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने एक छह मंजिली रिहायशी इमारत को होटल में तब्दील करने का आरोप लगाया है. हालांकि सोनू का कहना है कि उन्होंने जुहू स्थित अपने आवासीय इमारत को लेकर कोई भी अनियमितता नहीं बरती है. इस मामले पर सोनू ने पहले बॉम्बे हाईकोर्ट का रूख किया था, लेकिन यहां से उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी. अब चूंकि याचिका खारिज हो चुकी है, ऐसे में बीएमसी इस पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है और इन्हीं परिस्थितियों में सोनू ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.Also Read - लाउडस्पीकर और हनुमान चालीसा विवाद पर पहली बार बोले Sonu Sood, जानिए एक्टर ने किसका लिया पक्ष?

सोनू के वकील विनीत ढांडा ने कहा है कि उनके मुवक्किल ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. उन्होंने कहा, “हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने का मुख्य आधार यही है कि बीएमसी द्वारा यह माना जा रहा है कि सोनू उस संपत्ति के मालिक नहीं है। यद्यपि उन्हें नोटिस एक मालिक के तौर पर ही जारी किया गया है.” Also Read - 'एक ही दिल है कितनी बार जीतोगे': कोरोना से बिखर चुके नेपाली परिवार को Sonu Sood ने दी जीने की नई आशा

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ढांडा ने कहा कि यह उनकी छवि को बिगाड़ने का एक प्रयास है और बिल्डिंग के अंदर बदलाव स्वरूप कोई काम करने के लिए किसी भी इजाजत की जरूरत नहीं पड़ती है. Also Read - थिएटर्स में विलेन की एंट्री पर नोटों की बारिश देखी है? Sonu Sood ने वो भी कर दिखाया, Video Viral

सोनू सूद ने बृह्नमुंबई महानगरपालिकाके खिलाफ अब बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है. आपको बता दें कि बीएमसी ने सोनू सूद के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है, उसने एक्टर पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बीएमसी की इजाजत के बिना जुहू में एक छह मंजिला रिहायशी इमारत को होटल में तब्दील कर दिया है.