JNU में हुई 72 Hoorain की स्पेशल स्क्रीनिंग, खचा-खच भरा ऑडिटोरियम, फिल्म शुरू होने से पहले लगे जय श्री राम के नारे

72 Hoorain : सोशल मीडिया पर जेएनयू ​​ऑडिटोरियम के अंदर का काफी वायरल हो रहा है, जिसमें फिल्म की स्क्रीनिंग से पहले अशोक पंडित और पवन मल्होत्रा बड़े पर्दे के सामने जय हिंद का नारा लगाते नजर आ रहे हैं.

Published date india.com Published: July 4, 2023 8:19 PM IST
JNU में हुई 72 Hoorain की स्पेशल स्क्रीनिंग, खचा-खच भरा ऑडिटोरियम, फिल्म शुरू होने से पहले लगे जय श्री राम के नारे

72 Hoorain in JNU : संजय पूरन सिंह चौहान के डायरेक्शन में बनी फिल्म ’72 हूरें’ इन दिनों काफी विवादों में चल रही हैं. फिल्म 7 जुलाई, 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, लेकिन उससे पहले मंगलवार को दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में इसकी स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई. फिल्म को लेकर जेएनयू में भी काफी क्रेज देखा गया, ऑडिटोरियम दर्शकों से खचा-खच भरा हुआ था. ’72 हूरें’ की स्क्रीनिंग से पहले हॉल और विश्वविद्यालय के कैंपस में जोर-जोर से जय श्री राम के नारे भी लगे. डायरेक्टर संजय पूरन सिंह चौहान और फिल्म को सह-निर्माता की ये मूवी काल्पनिक ’72 हूरों’ के इर्द-गिर्ध घूमती है. जिसका इस्तेमाल युवाओं का ब्रेन वॉश करने के लिए किया जाता है. फिल्म में पवन मल्होत्रा ​​और आमिर बशीर मुख्य भूमिका में हैं.

सोशल मीडिया पर जेएनयू ​​ऑडिटोरियम के अंदर का काफी वायरल हो रहा है, जिसमें फिल्म की स्क्रीनिंग से पहले अशोक पंडित और पवन मल्होत्रा बड़े पर्दे के सामने जय हिंद का नारा लगाते नजर आ रहे हैं. इस दौरान एक्टर ने पहली बार अपने जेएनयू दौरे की एक्साइटमेंट जाहिर की. वीडियो में अशोक पंडित को कहते हुए सुना जा सकता है, ‘हमें पता है ये फिल्म सारे रिकॉर्ड्स क्रॉस करेगी. पूरी दुनिया ये फिल्म देखने जाएगी और हमारी इस मेहनत को सफल बनाएगी’. उन्होंने आगे कहा, ‘रिकॉर्ड क्रॉस करें ना करें, हमें एक बात कहनी थी और हमने फिल्म बना दी. आपको भी डेढ़ घंटे में पता लग जाएगा हम क्या कहना चाहते हैं. हमने कोई गलत चीज नहीं बोली है.’

एक अन्य वायरल वीडियो में पंडित ने कहा कि यह फिल्म आतंकवाद के खिलाफ है. वह कहते हैं, ‘जो लोग हमारी फिल्मों को प्रोपेगेंडा कहते हैं, यह उन्हें करारा जवाब है.’ जेएनयू में 72 हुरें की स्क्रीनिंग के बारे में बात करते हुए, फिल्म के निर्माताओं ने पहले कहा था कि यह कश्मीरी मुसलमानों और अन्य छात्रों के लिए एक फिल्म के प्रति अपने विचार और प्रतिक्रिया व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण क्षण प्रस्तुत करता है जो आतंकवादी शिविरों की भयानक वास्तविकता को उजागर करता है. जेएनयू में फिल्म रिलीज को लेकर विवादों का इतिहास रहा है और पहले भी परिसर में कई विवादास्पद फिल्में दिखाई गई हैं.

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