दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी के पति बोनी कपूर ने कहा कि अभिनेत्री ने उन सभी फिल्मों में अपना सौ प्रतिशत दिया जिनमें उन्होंने काम किया. उन्होने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें मौत के बाद पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है. बोनी कपूर गुरूवार को अपनी दोनो बेटियों जाह्न्वी और खुशी के साथ नई दिल्ली में 65वें राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में हिस्सा लेने आए थे. दूरदर्शन के एंकर जब उनसे यह पूछा कि श्रीदेवी को दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर उन्हें कैसा लग रहा है तो बोनी ने उन्हें सही करते हुए कहा, “पहले तो मुझे आपकी बात को सही करने दें. यह उनका पहला राष्ट्रीय पुरस्कार है. यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है.”

बोनी कपूर ने कहा, “यह हमारे लिए दुख का भी क्षण भी है. हम चाहते थे कि वह हमारे साथ यहां होतीं. वह इस पुरस्कार की हकदार थीं. लगभग 50 वर्षो में उन्होंने करीब 300 फिल्में कीं. उन्होंने सभी फिल्मों में अपना बेहतरीन काम किया. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें छोड़ के जाने के बाद उन्हें यह पुरस्कार दिया गया.” श्रीदेवी को उनकी फिल्म मॉम के लिए पुरस्कार दिया गया. बोनी ने कहा, “यह हम सभी के लिए गर्व का समय है लेकिन दुख की बात यह है कि वह हमारे बीच नहीं है.”

यह पूछे जाने पर कि वह उन युवा प्रशंसकों को क्या सलाह देंगे जो श्रीदेवी की तरह बनना चाहती हैं? बोनी ने कहा, “मेरी बेटियों की तरह अन्य युवा लड़कियां भी मेरी दिवंगत पत्नी की तरह बनना चाहती हैं. मैं उनसे यही कहूंगा कि हमेशा अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें और मेहनत करते रहें.”

A post shared by Boney Kapoor (@boneykapoorproducer) on

बोनी कपूर ने यह भी कहा कि श्रीदेवी अपने काम के जरिए हमेशा जिंदा रहेंगी. उन्होंने कहा, “विश्व यह देख रहा है कि उन्होंने क्या कार्य किया और क्या हासिल किया. टीवी और डिजिटल युग के कारण वह हमेशा लोगों का मनोरंजन करती रहेंगी. जब तक फिल्म जगत वजूद में रहेगा तब तक वह सबका मनोरंजन करती रहेंगी.”