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Sunil Dutt : बस कंडक्टर और RJ का काम करने वाले सुनील दत्त कैसे बन गए एक्टर? पढ़िए इंट्रेस्टिंग स्टोरी
Sunil Dutt Birth Anniversary : सुनील ने वैसे तो कई फिल्मों में काम किया लेकिन साल 1964 में आई फिल्म 'यादें' को इंडियन सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में से एक माना जाता है.
Sunil Dutt Birth Anniversary : बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर सुनील दत्त आज भले ही हमारे बीच नहीं है, लेकिन अपनी फिल्मों में निभाए गए यादगार किरदारों से वो फैंस के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे. 6 जून, 1929 को जन्में सुनील दत्त की आज 94वीं बर्थ एनिवर्सरी है. बॉलीवुड फिल्मों के दिग्गज हीरो सुनील दत्त ने अपनी लाइफ में कई उतार-चढ़ाव देखे. बेटे संजय दत्त के जेल जाने से लेकर आखिरी समय में भी फिल्मों में काम करने तक, सुनील दत्त किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं. बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपने छह दशक लंबे करियर में सुनील ने कई फिल्मों में काम किया. उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर आज हम आपको उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं.

कम उम्र में ही पिता को खो दिया
सुनील दत्त को बॉलीवुड में सुपरहिट फिल्म ‘मदर इंडिया’ से पहचान मिली थी. उन्हें इस फिल्म में अपनी मां का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस नरगिस से ही प्यार हो गया था, बाद में दोनों ने शादी की. सुनील ने वैसे तो कई फिल्मों में काम किया लेकिन साल 1964 में आई फिल्म ‘यादें’ को इंडियन सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में से एक माना जाता है. इस मूवी को सुनील दत्त ने ही डायरेक्ट किया था. सुनील का बचपन काफी गुरबत में बीता था, कम उम्र में ही पिता को खोने के बाद उनकी जिंदगी में मुश्किलों की बाढ़ सी आ गई. हालांकि बुरे हालातों में भी सुनील ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी और हायर एजुकेशन के लिए मुंबई शिफ्ट हो गए.

बस कंडक्टर से बने RJ
सुनील किसी तरह मुंबई तो आए लेकिन उनकी जेब में बिल्कुल पैसे नहीं थे, कई दिनों तक तो उन्हें खाना भी नसीब नहीं होता था. अपनी आर्थिक हालत सुधारने के लिए सुनील ने नौकरी तलाश करनी शुरू कर दी और बस में कंडक्टर का काम करने लगे. काम के दौरान ही सुनील को एहसास हुआ कि उन्हें कुछ बड़ा करने की जरूरत है, ऐसे में कॉलेज खत्म करने के बाद वो रेडियो की जॉकी की जॉब करने लगे. उस समय तक सुनील हिंदी के पसंदीदा अनाउंसर के पद पर थे, आरजे के तौर पर फेमस होने के बाद उनके अंदर भी एक्टिंग और फिल्मों में काम करने की चाह पैदा होने लगी. आगे चलकर उन्होंने कई फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के ऑफिस के चक्कर काटे.

सुनील को ऐसे मिला अपना नाम
सुनील दत्त की किस्मत ने उस समय पलटी मारी, जब 1955 में उन्हें अपनी पहली फिल्म मिली ‘रेलवे प्लेटफॉर्म’. हालांकि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर सकी, लेकिन इस फिल्म से सुनील को अपना नया नाम जरूर मिल गया. सुनील दत्त का असली नाम बलराज दत्त था, लेकिन फिल्म के डायरेक्टर रमेश सजगल ने उनका नाम बदलकर सुनील दत्त रख दिया. फिल्म सुनील ने अपने करियर की सुपरहिट फिल्म ‘मदर इंडिया’ की और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. सुनील ने ‘साधना’, ‘इंसान जाग उठा’, ‘मुझे जीने दो’, ‘खानदान’ समेत कई फिल्में कीं. 25 मई, 2005 की वो काला दिन था जब ये दिग्गज स्टार इस दुनिया को अलविदा कह गया.
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