बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को मीडिया से सुशांत सिंह राजपूत मामले पर जानकारी देते समय संयम बरतने को कहा, ताकि उनके बर्ताव से जांच में बाधा उत्पन्न न हो. न्यायमूर्ति ए.ए. सईद और न्यायमूर्ति एस.पी. तावड़े की एक खंडपीठ ने कहा, “हम मीडिया से आग्रह करते हैं और अपेक्षा रखते हैं कि सुशांत की मौत पर रिपोर्टिग करते वक्त वे संयम बरतें, यह जांच में बाधा न बनें.”Also Read - पिता के निधन के बाद Hina Khan ने बढ़ा लिया था अपना वजन, अब नोट शेयर कर कही ये खास बात

महाराष्ट्र के आठ सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारियों और तीन अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा दायर की गई दो जनहित याचिकाओं (पीआईएल) पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उत्तरदाताओं को भी नोटिस जारी किया और कहा कि मामले पर जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की मंजूरी मिलने के बाद मामले में मांगी गई राहत पर विचार किया जाएगा. Also Read - Shammi Kapoor Birthday: गीता बाली से भागकर शम्मी कपूर ने रचाई थी शादी, लिपस्टिक से भरी थी मांग

SSR Case: 5 Statements by Vikas Singh Clearing Allegations Put Against Family by Rhea Chakraborty And OthersAlso Read - Janhvi Kapoor Oops Moment: जाह्नवी कपूर के साथ हो गया ऊप्स मोमेंट, अचानक हवा के झोंके ने उड़ा दी ड्रेस- Video

पूर्व आईपीएस अधिकारियों द्वारा जनहित याचिका के लिए तर्क देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मिलिंद साठे ने मीडिया रिपोर्टिग को ‘समानांतर मीडिया ट्रायल’ कहा, जिसमें मुंबई पुलिस का तिरस्कार भी शामिल रहा और ऐसा खासकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए कहा गया.

साठे ने कहा, “मीडिया ने वास्तव में जांच का जिम्मा अपने ऊपर ले लिया है, मुंबई पुलिस के साजिश में शामिल होने की बातें बताई जा रही हैं, एक दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार अभियान चलाया जा रहा है.”

Sushant Singh Rajput

Sushant Singh Rajput
Photo Credit: Instagram/@jamlenpao

उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं को इस बात की चिंता नहीं है कि मामले की जांच कौन कर रहा है, अभियुक्त कौन है या पीड़ित कौन है, लेकिन रिपोर्टिग के बारे में चिंता जताई जा रही है, जिसमें पत्रकारिता की नैतिकता का उल्लंघन किया जा रहा है.