नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत अब मिस्ट्री डेथ में शुमार होने लगी है. दो महीने से ज़्यादा वक़्त गुज़रने के बाद भी लोगों को ये यकीन है कि सुशांत आत्महत्या नहीं कर सकते. सुप्रीम कोर्ट से इस मामले को सीबीआई जांच की मंज़ूरी मिलने पर केस में अब तक कई नए एंगल सामने आए हैं. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के फॉरेंसिक विभाग ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मामले में सीबीआई से शव परीक्षण (ऑटोप्सी) रिपोर्ट के संबंध में दस्तावेज और वीडियो प्राप्त किए हैं. गौरतलब है कि एम्स ने दिवंगत अभिनेता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का अध्ययन करने और हत्या की आशंका के मद्देनजर पांच डॉक्टरों का एक पैनल गठित किया है. Also Read - सुशांत सिंह राजपूत मौत केस से ध्यान भटकने पर शेखर सुमन बोले- 'ड्रगीज को मरने दो, हमें ये बताओ.....'

एम्स फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख सुधीर गुप्ता ने कहा, “मैंने सीबीआई के अनुरोध पर एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया है. एम्स का पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड सुशांत की ऑटोप्सी रिपोर्ट की जांच करेगा और हत्या की आशंका पर गौर करेगा.” उन्होंने कहा, “एम्स की टीम को सीबीआई से दस्तावेज और वीडियो मिले हैं और हम इसका अध्ययन कर रहे हैं और ऑटोप्सी के दस्तावेजों और वीडियो को देखने के बाद, हम इस बारे में अपना अवलोकन लिखेंगे.” Also Read - NCB के सामने पेश होने को शूटिंग छोड़ गोवा से मुंबई पहुँचीं दीपिका पादुकोण, लेकिन...

उन्होंने कहा कि वह आने वाले दिनों में मुंबई की यात्रा करेंगे और घटना स्थल का निरीक्षण करेंगे. गुप्ता ने कूपर अस्पताल द्वारा ऑटोप्सी रिपोर्ट में मौत के समय का जिक्र नहीं करने पर भी सवाल उठाए, जहां 15 जून को सुशांत का पोस्टमार्टम किया गया था. एम्स के डॉक्टर ने कहा कि सीबीआई और एम्स अगले कुछ दिनों में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं. मामले के संबंध में एम्स के फॉरेंसिक विभाग से सीबीआई ने संपर्क किया था. Also Read - रिया चक्रवर्ती फिलहाल जेल में ही रहेंगी, बेल अर्ज़ी पर सुनवाई टली, मिली एक और तारीख़

फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ सीबीआई की एक एसआईटी टीम गुरुवार से मुंबई में है और इसने कई लोगों से पूछताछ की है. अधिकारियों ने दो बार सुशांत के फ्लैट का दौरा किया और उसकी मौत के सीन को रीक्रिएट किया. सीबीआई की टीम ने कूपर अस्पताल और वाटरस्टोन रिसॉर्ट का भी दो बार दौरा किया, जहां सुशांत दो महीने से अधिक समय तक रहे थे.

इनपुट- एजेंसी