भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने फिल्म ‘‘केदारनाथ’’ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने फिल्म पर बैन की मांग करते हुए आरोप लगाया कि यह हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है और लव जिहाद को बढ़ावा देती है. सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान स्टारर यह फिल्म उत्तराखंड में साल 2013 में आई विनाशकारी बाढ़ की पृष्ठभूमि पर बनी है.

राज्य में भाजपा की मीडिया रिलेशंस टीम से जुड़े अजेंद्र अजय ने सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को लिखा कि सबसे खराब मानवीय आपदाओं में से एक की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म हिंदुओं की भावनाओं का मजाक बनाती है. फिल्म का निर्देशन अभिषेक कपूर ने किया है. फिल्म के टीजर में मुख्य कलाकार सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान के बीच एक किसिंग सीन दिखाया गया है और इसके पोस्टरों में टैगलाइन है ‘‘लव इज ए पिलग्रिमेज’’.

इस पर आपत्ति जताते हुए भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यह हिंदू धर्म पर हमला है क्योंकि केदारनाथ करोड़ों हिंदुओं की आस्था को व्यक्त करता है. उन्होंने कहा, ‘‘करोड़ों हिंदुओं के आस्था के केंद्र केदारनाथ में हुई इस बड़ी त्रासदी की पृष्ठभूमि पर यह रोमांटिक लव स्टोरी बनाकर फिल्म निर्माताओं ने इस धर्म को मानने वालों के प्रति बड़ा अनादर किया है.’’

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब हिंदी फिल्मों को बैन करने की मांग की गई है. इससे पहले उड़ता पंजाब पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी जिसके बाद अनराघ कश्यप और तमाम निर्देशकों ने मिलकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिनेमा को सुरक्षित रखने की बात कही थी.

(इनपुट आईएएनएस)