मुंबई: सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामला धीरे धीरे अलग रुख ले रहा है. दिवंगत अभिनेता के पिता के केस दर्ज करने के बाद इस मामले की गहमा गहमी बढ़ गई है. अब मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले (Sushant Singh Rajput Suicide Case) में जांच के दौरान कथित रूप से उनके परिवार पर कुछ बड़े फिल्म प्रोडक्शन हाउस के नामों को बताने के लिए दबाव डाला. दिवंगत अभिनेता के परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहे उनके वकील ने यह दावा किया. Also Read - SSR Case: रिया चक्रवर्ती पर भड़की काम्या पंजाबी, हर भाई-बहन में झगड़ा होता है, इसमें...

‘टाइम्स न्यूज डॉट कॉम’ के मुताबिक, सुशांत के पिता कृष्ण कुमार सिंह के वकील विकास सिंह ने टाइम्स नाउ को बताया, “मुंबई पुलिस पांच से छह बड़े प्रोडक्शन हाउस के नाम बताने के लिए परिवार से कह रही है. अगर हम सीधे तौर पर उन्हें जिम्मेदार नहीं मानते तो हमें प्रोडक्शन हाउस का नाम क्यों देना चाहिए? अप्रत्यक्ष रूप से शायद उनकी कुछ भागीदारी हो सकती है लेकिन हमारे कहने का यह आधार नहीं हो सकता है. आप रिया को भूल जाते हैं और बड़े प्रोडक्शन हाउस के पीछे पड़ जाते हैं.” Also Read - रिया ने सुशांत के साथ Whatsapp Chat के स्क्रीनशॉट को किया शेयर, सामने आई ये अहम बातें  

रिपोर्ट यह भी बताती है कि वकील ने दावा किया कि मुंबई पुलिस ने अब तक मामले में एक भी एफआईआर दर्ज नहीं की है. विकास सिंह ने न्यूज चैनल को आगे बताया कि वे (मुंबई पुलिस) मामले को अलग दिशा में ले जा रहे हैं और इसे उसके तार्किक अंत तक नहीं ले जा रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, विकास सिंह ने बताया किया कि कैसे शुरू में बिहार पुलिस भी मामले में एफआईआर दर्ज करने को लेकर थोड़ा झिझक रही थी, लेकिन उन्होंने आखिरकार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हस्तक्षेप के बाद ऐसा किया. Also Read - सुशांत राजपूत की मैनेजर रहीं दिशा सालियान की बॉडी क्या न्यूड अवस्था मिली थी? मुंबई पुलिस ने किया ये खुलासा

उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि पटना पुलिस इस ममाले की जांच करे. परिवार ने अभी तक सीबीआई जांच की मांग नहीं की है. इस जानकारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, पूर्व कैबिनेट मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि पटना पुलिस ने सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यमय मौत की जांच की और एक एफआईआर दर्ज की है, लेकिन मुंबई पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया है जिससे पुलिस की संभावित मानसिकता का पता चलता है.