पटना पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पत्र भेजे जाने के बाद भी बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने बिहार के आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को मुक्त करने से मना कर दिया है. बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने बुधवार को ट्विटर के जरिए यह जानकारी दी. डीजीपी पांडे ने अपने सत्यापित ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, “पटना आईजी ने बीएमसी के प्रमुख को एक पत्र लिखा था, जिसमें आईपीएस विनय तिवारी को क्वारंटीन किए जाने का विरोध किया गया था. साथ ही उन्हें रिहा करने का अनुरोध किया गया था. बीएमसी ने पटना पुलिस को इस पत्र का जवाब भेजा है. अब हमारे एसपी विनय तिवारी 14 दिनों के लिए अंदर बंद रहेंगे. बीएमसी का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है!” Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने कहा- केंद्र सरकार देश की सेक्स वर्कर्स की पहचान पूछे बिना ही...

बिहार के डीजीपी पांडे ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच का जिम्मा आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को दिया था. तिवारी के रविवार को मुंबई पहुंचते ही बीएमसी ने उन्हें क्वारंटीन कर दिया था. Also Read - ड्रग्स केस में आए सेलेब्स के नाम से खुश हुईं रवीना टंडन बोलीं- यूजर्स, डीलर्स, सप्लायर्स सभी को सजा दें

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इस सप्ताह की शुरूआत में बिहार के डीजीपी पांडे ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में मुंबई पुलिस के असहयोग को लेकर नाराजगी जताई थी. उन्होंने यह भी दावा किया था कि आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को क्वारंटीन करने के बहाने मुंबई में नजरबंद कर दिया गया था.

पांडे ने आरोप लगाया था कि मुंबई पुलिस बॉलीवुड अभिनेता की कथित आत्महत्या मामले की जांच में बिहार पुलिस के साथ “सहयोग नहीं कर रही” और “अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती की भाषा बोल रही है”. बता दें कि सुशांत के परिवार ने उनकी मौत के लिए रिया को जिम्मेदार ठहराया है.

पांडे ने मंगलवार को बताया, “मुंबई पुलिस रिया चक्रवर्ती के रुख को नजरअंदाज कर रही है. वह कह रही है कि बिहार पुलिस इस मामले की जांच नहीं कर सकती है और मुंबई पुलिस उनकी इस बात का समर्थन कर रही है.”