फिल्म ‘पद्मावती’ पर लिखे अपने खुले खत को लेकर अभिनेत्री स्वरा भास्कर  ट्रोल हो गई हैं. कुछ लोग स्वरा को इतिहास पढ़ने की सलाह दे रहे हैं तो कुछ लोग उनकी सोच पर ही सवाल उठा रहे है.

स्वरा भास्कर का अंदाज अभिनेत्री और गायिका सुचित्रा कृष्णमूर्ति को बिल्कुल पसंद नहीं आया और उन्होंने ट्वीट किया, ‘पद्मावत पर ये नारीवादी बहस क्या बेवकूफी भरी नहीं है? यह महिलाओं की एक कहानी भर है, भगवान के लिए इसे ‘जौहर’ की वकालत न समझें. अपने मतलब के लिए कोई और मुद्दा उठाएं, जो ऐतिहासिक कहानी न होकर वास्तव में हो.’

वहीं, फिल्मकार अशोक पंडित ने लिखा है, ‘तर्कहीन और आधारहीन बातों से सबका ध्यान अपनी तरफ खींचने की कोशिश के अतिरिक्त यह और कुछ नहीं है. स्वरा भास्कर का दिमाग छोटा होकर एक महिला का अंग मात्र रह गया है. यह नारीवाद को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है.’

दरअसल रविवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भंसाली को लिखे खुले खत में कहा था कि फिल्ममेकर ने  महिलाओं को ‘वजाइना’ (योनि) के स्तर तक ही सीमित कर दिया है. उन्होंने फिल्म के आखिर सीन की बात करते हुए यह कहा है जिसमें दीपिका उर्फ़ रानी पद्मिनी बाकी राजपूती महिलाओं  के साथ जौहर की अग्नि में अपनी इज्जत बचाने के लिए कूद जाती है. स्वरा के मुताबिक महिलाओं को रेप का शिकार होने के बावजूद जिंदा रहने का हक है.

उन्होंने लिखा था कि, ‘सर, महिलाएं चलती-फिरती वजाइना नहीं हैं.’

Image result for padmavat