Taapsee Pannu And Anurag Kashyap IT Raid तापसी पन्नू (Tapsee Pannu) और अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) के यहां रेड क्यों पड़ी? इस तरह के कई सवालों के जवाब देते हुए बॉलीवुड की कुछ बड़ी हस्तियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में आयकर विभाग ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. आयकर विभाग ने बुधवार को मुंबई और पुणे में 30 से अधिक स्थानों पर तलाशी ली, जिसमें प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप, अभिनेत्री तापसी पन्नू, फिल्म निर्माता विकास बहल के परिसर शामिल हैं. Also Read - Tamil Nadu में आईटी की रेड, DMK चीफ एमके स्टालिन के दामाद के कई ठिकानों पर सर्च जारी

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि आयकर विभाग द्वारा दो फिल्म निर्माण कंपनियों, दो प्रतिभा प्रबंधन कंपनी और एक मशहूर अभिनेत्री के ठिकानों पर की गई छापेमारी में 650 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमित्ताओं का पता चला है. हालांकि, उसने किसी का नाम नहीं लिया. Also Read - Taapsee Pannu ने लगाया गजब का शॉट, अनुभव सिन्हा बोले- अब इंडिया खेलेगी क्या? Photo Viral 

अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग ने बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू और फिल्मकार अनुराग कश्यप व उनके साझेदारों के घरों और कार्यालयों पर बुधवार को छापेमारी की थी. उन्होंने बताया कि यह छापेमारी फैंटम फिल्म्स के खिलाफ कर चोरी की जांच का एक हिस्सा है. यह छापेमारी मुंबई, पुणे और हैदराबाद में 30 स्थानों पर की गई जिसमें सेलिब्रिटी और प्रतिभा प्रबंधन कंपनी केडब्ल्यूएएन और ऐक्सीड के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं. Also Read - AIADMK MLA के ड्राइवर के घर पर आईटी की रेड, 1 करोड़ रुपए नकद जब्त

छापेमारी की कार्रवाई के एक दिन बाद बिना किसी का नाम लिए सीबीडीटी ने कहा कि जिन कंपनियों के परिसरों की तलाशी ली गई, वे फिल्म, वेब सीरीज के निर्माण और अभिनय, निर्देशन एवं प्रतिभा प्रबंधन के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं. वहीं, आधिकारिक सूत्रों ने इनकी पहचान पन्नू और फैंटम फिल्म्स के पूर्व प्रर्वतक कश्यप, निर्माता-निर्देशक विक्रमादित्य मोटवानी, निर्माता विकास बहल और निर्माता-वितरक मधु मंटेना के रूप में की है.

सूत्रों ने सेलिब्रिटी और प्रतिभा प्रबंधन कंपनियों की पहचान केडब्ल्यूएएन और एक्सीड के रूप में की है. उन्होंने बताया कि फिल्म निर्माण से जुड़ी जिस दूसरी कंपनी पर छापेमारी की गई, वो अनुराग कश्यप से संबंधित है. सीबीडीटी ने एक बयान में कहा कि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की वास्तविक कमाई की तुलना में अग्रणी फिल्म निर्माण कंपनियों द्वारा आय को काफी कम करके दिखाने के साक्ष्य का पता लगाया गया है.

इसमें आरोप लगाया गया, ‘ फिल्म निर्देशकों और साझेदारों के बीच फिल्म निर्माण कंपनियों के शेयर लेन-देन के हेरफेर और कम मूल्यांकन संबंधी साक्ष्य भी सामने आए हैं और करीब 350 करोड़ रुपये की कर पेचिदगियां पाई गई हैं. इनके बारे में आगे जांच की जा रही है.’

सीबीडीटी ने दावा किया, ‘एक मशहूर अभिनेत्री द्वारा पांच करोड़ की रकम नकद प्राप्त करने के भी साक्ष्य मिले हैं और इस बारे में आगे की जांच जारी है.’ उन्होंने दावा किया कि इसी तरह की कई वित्तीय अनियमित्ताओं की जानकारी सामने आई है.

एजेंसी की कई टीमों ने मुंबई और पुणे में 30 से अधिक स्थानों पर तलाशी की जिसमें फैंटम फिल्म्स का परिसर और फैंटम फिल्म्स के पूर्व सदस्य मधु मंटेना और टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी क्वान के कुछ अधिकारियों का परिसर शामिल थे. बता दें कि फैंटम फिल्म्स की स्थापना अनुराग कश्यप, निर्देशक विक्रमादित्य मोटवानी, निर्माता मधु मेंटेना और यूटीवी स्पॉटबॉय के पूर्व प्रमुख, विकास बहल ने 2011 में की थी। इसे हालांकि 2018 में बंद कर दिया गया था।

कश्यप, बहल और पन्नू सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मुखर रहे हैं और उन्होंने किसानों के विरोध पर भी चिंता जताई थी, जो तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

(इनपुट भाषा)