मुंबई. केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सेंसर बोर्ड (CBFC) के साथ आठ महीने तक जूझने के बाद अश्विन कुमार द्वारा निर्देशित फिल्म ‘नो फादर्स इन कश्मीर’ (‘No Fathers In Kashmir’) पांच अप्रैल को पर्दे पर दस्तक देनी जा रही है. अश्विन कुमार ने एक बयान में कहा, “ये फिल्म भारत भर के युवा लोगों के लिए बनाई गई है, ताकि वे युवा होने के उत्साह व आशावाद के साथ कश्मीर के युवा लोगों से जुड़ें. ‘A’ प्रमाणपत्र इन दोनों दर्शक वर्गों को एक-दूसरे से अलग रखेगा. अब मैं आश्वस्त हूं कि बच्चे कश्मीर के लिए अपने दिलों की धड़कन को साथ लेकर निकलेंगे.”

इस महीने की शुरुआत में फिल्म प्रमाणन अपीलीय अधिकरण (एफसीएटी) ने फिल्म में कई कट और डिस्कलेमर के साथ सुझाया था कि ‘नो फादर्स इन कश्मीर’ यू/ए प्रमाणपत्र के लिए फिट है. लेखक व निर्देशन के अलावा कुमार ने फिल्म में अभिनय भी किया है. उनके साथ सोनी राजदान, कुलभूषण खरबंदा, अंशुमन झा और माया साराओ मुख्य भूमिका में हैं. सोनी राजदान ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, “हमारी फिल्म की रिलीज की घोषणा करने पर बहुत खुश हूं.” फिल्म की कहानी एक ब्रिटिश-कश्मीरी नाबालिग बच्ची नूर के बारे में है, जो अपने पिता की खोज में अपने अतीत को खोजती है.

आपको बता दें कि इस फिल्म को सेंसर बोर्ड से पास कराने के लिए निर्माताओं और बोर्ड के बीच करीब 8 महीने तक संघर्ष चला है. जुलाई 2018 में सेंसर सर्टिफिकेट के लिए एक आम आवेदन के तौर पर शुरू हुआ फिल्म को मंजूरी दिलवाने का प्रयास अब जाकर मूर्त रूप ले पाया है. महीनों से फिल्म के लिए प्रमाणपत्र का इंतजार कर रहे निर्देशक अश्विन कुमार के लिए यह सब मुश्किल भरा रहा है. पहले फिल्म को ए-सर्टिफिकेट दिया गया था. सेंसर बोर्ड के इस फैसले को निर्माताओं ने चुनौती दी थी.

निर्माताओं की दलील थी कि फिल्म को ए-सर्टिफिकेट दिया जाना, इसकी कहानी के मद्देनजर अनुचित आधार है. निर्माताओं की दलील पर फिल्म प्रमाणन अपीलीय न्यायाधिकरण (एफसीएटी) ने इसकी दूसरी स्क्रीनिंग के एक महीने के बाद अब फिल्म पर अंतिम आदेश दिया है. एफसीएटी की तरफ से फिल्म में कुछ कांट-छांट और डिस्क्लेमर शामिल करने का सुझाव दिया गया है. सीबीएफसी के क्षेत्रीय अधिकारी तुषार करमाकर ने बीते दिनों मीडिया के साथ बातचीत में कहा था, “एफसीएटी ने फिल्म निर्माता से कुछ बदलाव करने के लिए कहा है और अगर ये ठीक पाए जाते हैं तो सीबीएफसी फिल्म को आगे बढ़ाएगी.”

(इनपुट – एजेंसी)