मुंबई: फिल्म अभिनेत्री तापसी पन्नू का कहना है कि हिंदी फिल्म उद्योग में अभिनेत्रियों ने यौन शोषण का शिकार होने को लेकर अब तक कुछ नहीं कहा है क्योंकि उन्हें डर है कि ऐसा करने पर लोग उनको लेकर धारणा बनाएंगे और उन्हें अपमानित किया जाएगा. जहां हॉलीवुड में यौन शोषण के खिलाफ मीटू अभियान ने एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया, वहीं हिंदी फिल्म जगत में इसकी सुगबुगाहट तक नहीं दिखी. हां कुछ चुनिंदा कलाकारों ने फिल्म जगत में इस समस्या के मौजूद होने की बात कही लेकिन उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया.

तापसी ने कहा कि खुशकिस्मती या बदकिस्मती से उनके साथ कभी ऐसा नहीं हुआ, नहीं तो वह संभवत इसके खिलाफ आवाज उठाने में मदद करती. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि ऐसा नहीं होता, ऐसा होता है. मुझे पता है क्योंकि मुझे लोग इसके बारे में बताते हैं लेकिन वे लोग खुलकर इसके बारे में बात करने के लिए शायद तैयार नहीं हैं क्योंकि इसे लेकर कई गलत धारणाएं जुड़ी हुई हैं.

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अभिनेत्री ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें लगता है कि उनके करियर को जो थोड़ी बहुत रफ्तार मिली है, इसके बारे में बात करने पर बहुत सारे लोग उनका समर्थन नहीं करेंगे, उन्हें लगेगा कि यह सस्ते प्रचार का हथकंडा है. उनकी नैतिकता एवं चरित्र पर भी सवाल किए जाएंगे.