मां दुर्गा के प्रति आस्था और विश्वास का त्यौहार ‘नवरात्र’ की शुरुआत 28 मार्च से होगी। नवरात्र में देवी के अनेक रूपों की पूजा व अर्चना होती है। इन 9 दिनों में देवी दुर्गा के 9 रूपों की पूजा होती है। ऐसा माना जाता है कि विधिपूर्वक पालन और श्रद्धापूर्वक की गयी पूजा  से मां प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।Also Read - Navratri Special Hindi Film Songs | Navratri Special: हिंदी फिल्मो के इन गानों पर खूब गरबा खेलिए

नवरात्रि दो शब्दों से मिलकर बना है, नव और रात्रि। नव का अर्थ है नौ या नव का शाब्दिक अर्थ नया भी होता है। और रात्रि शब्द में पुनः दो शब्द हैं, रा और त्रि। रा का अर्थ है रात और त्रि का अर्थ है जीवन के तीन पहलू- शरीर, मन और आत्मा।

कल यानि 28 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू होगा। जिसका शुभ मुहूर्त सुबह 08 बजकर 26 मिनट से लेकर 10 बजकर 24 मिनट तक का है। वैसे तो एक वर्ष में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ के महीनों में कुल मिलाकर चार बार नवरात्र आते हैं, लेकिन इनमें से चैत्र और आश्विन नवरात्र सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं।

नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा होती है। माता का नाम शैलपुत्री इस लिए पड़ा क्यों कि उनका जन्म पर्वत राज हिमालय के घर हुआ था।

वैसे साल में दो बार नवरात्रि रखने का विधान है। चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नौ दिन अर्थात नवमी तक, और इसी प्रकार ठीक छह महीने बाद आश्विन मास, शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक माता की साधना और सिद्धि प्रारम्भ होती है। दोनों नवरात्रों में शारदीय नवरात्रों को ज्यादा महत्व दिया जाता है।

इस बीच माता के मंदिरों में भक्तों की भीड़ भी देखी जाएगी। इस अवसर पर आप कई जगह माता की चौकी व गानें आसानी से सुन सकते हैं। वैसे ऐसे कई भक्ति गीत है जिसे सुनकर आपका पूरा दिन अच्छा बीतेगा। ऐसे कई गीत हैं जिन्हें आप सुन सकते हैं और पूजा करते समय लगा सकते हैं।