देहरादून/लखनऊ: उत्तराखंड के कई जिलों में ‘केदारनाथ’ फिल्म के विरोध के बाद प्रशासन द्वारा प्रदर्शन पर रोक के बीच, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने फिल्मकारों को सलाह देते हुए कहा कि आस्था के केंद्रों के आसपास आपत्तिजनक दृश्यों को फिल्माने से उन्हें बचना चाहिए. प्रबंध समितियां अब फिल्मकारों से पहले ही लिखित हलफनामा लेंगी कि धार्मिक केन्द्रों के आस-पास कोई आपत्तिजनक दृश्य नहीं फिल्माए जाएंगे. केदारनाथ फिल्म के विरोध के मद्देनजर उसकी समीक्षा के लिए एक समिति बनाई गई है जिसका अध्यक्ष पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को बनाया गया है. Also Read - सारा अली खान क्या कह रही हैं अपने डेब्यू एक्टर सुशांत सिंह के बारे में? क्यों जमकर शेयर हो रहा है ये VIDEO

Also Read - सारा अली खान ने शेयर किया Expectations vs Reality पोस्ट, फैन्स कर रहे हैं जमकर कमेंट

केदारनाथ में साथ काम कर चुके एक्टर ने सारा अली खान की जमकर तारीफ की, गिनाई खूबियां Also Read - पीएम मोदी ने केदारनाथ धाम के विकास की समीक्षा की, कहा- निर्माण के दौरान एक-दूसरे से बनाए रखें उचित दूरी

आस्था से खिलवाड़ नहीं

सतपाल महाराज ने कहा कि केदारनाथ करोड़ों हिंदुओं के लिए आस्था का बडा केंद्र है और उनकी व्यक्तिगत राय है कि उसके आसपास किसी भी आपत्तिजनक दृश्य के फिल्मांकन से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचनी निश्चित है और फिल्मकारों को इस मामले में सचेत रहना चाहिए. फिल्म पर उठ रही आपत्तियों की समीक्षा के लिए बनाई गई समिति के अध्यक्षता करने वाले मंत्री ने कहा, ‘फिल्मकारों को आस्था के केंद्रों के आसपास आपत्तिजनक दृश्यों को फिल्माकर या अपनी फिल्मों में अपनी कहानी की पृष्ठभूमि में उन्हें इस्तेमाल कर अनावश्यक विवाद पैदा नहीं करना चाहिए.’

सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान की जोड़ी वाली यह फिल्म सिनेमाघरों में शुक्रवार को रिलीज हुई. सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा की डेब्यू फिल्म है, इस फिल्म में उनके अपोजिट सुशांत राजपूत हैं. इससे पहले 6 दिसम्बर को उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ‘केदारनाथ’ फिल्म पर प्रतिबंध लगाने को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी थी. याचिका में फिल्म को हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए उसके प्रदर्शन पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया था. याचिका को खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति रमेश खुल्बे की खंडपीठ ने कहा कि संजय लीला भंसाली की ‘पद्मावत’ की रिलीज के समय इसी तरह के विवाद ने फिल्म को सुपरहिट बना दिया था.

उत्‍तराखंड के लोग नहीं कर पाएंगे ‘केदारनाथ’ का ‘दर्शन’, ये है पूरा माजरा

लिखित में देना होगा

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के निजी सचिव के दस्तखत से जारी एक विज्ञप्ति में उनके हवाले से कहा गया है कि राज्य सरकार जल्द ही इस संबंध में एक नीति बनाएगी ताकि आस्था के केंद्रो का फिल्मकारों द्वारा व्यवसायिक उपयोग न किया जा सके. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आस्था के प्रमुख केंद्रों का प्रबंधन करने वाली समितियों से कहा जा रहा है कि वे फिल्मकारों से पहले से यह लिखवा लें कि वे उनके आस-पास कोई आपत्त्जिनक दृश्य नहीं फिल्माएंगे. (इनपुट एजेंसी)