शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं को प्रवेश दिलाने के बाद भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने अब मुंबई की हाजी अली दरगाह का रुख किया है। महिलाओं को इबादत का समान हक दिलाने के लिए तृप्ति आज को हाजी अली जाने वाली हैं। बहरहाल इस मुद्दे पर क्या नतीजा सामने आएगा यह आनेवाला समय ही बताएगा। लेकिन तृप्ति देसाई द्वारा की गयी एक अपील ने कई सारे सवाल खड़े कर दिए है।

बता दे कि हाजी अली मामले पर तृप्ति देसाई ने बॉलीवुड के तीन खान स्टार्स से उनका नजरिया साफ करने की अपील की है। देसाई का कहना है कि हाजी अली में महिलाओं की एंट्री को लेकर सलमान, शाहरुख और आमिर खान की क्या राय है? इसके सामने आने से काफी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इन तीनों खानों की फैन फॉलोइंग बहुत ज्यादा है। अगर वे नजरिया साफ करेंगे तो इसका मुस्लिम सोसायटी पर भी अच्छा असर होगा। यह भी पढ़े-तृप्ति देसाई का हाजी अली दरगाह में कूच का ऐलान, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

ऐसे में सवाल यह है कि क्या तृप्ति देसाई की इस अपील के बाद तीनो खान यानि सलमान, शाहरुख और आमिर कोई प्रतिक्रिया देंगे या नहीं। वही दूसरी तरफ यह कहना भी गलत नहीं होगा कि तृप्ति का यह बयान महज पब्लिसिटी स्टंट या सस्ती लोकप्रियता का आसान तरीका है। क्या तृप्ति कोई नेता या अभिनेता है जो तीनों खान उनके बयान के बाद अपना रुख सामने रखेंगे?

हालांकि तीनों खान जिस तरह से अक्सर अपने बयानों के चलते विवादों में घिरते रहे है। वे इस मुद्दे पर कोई बयान अमूमन नहीं देंगे। ज्ञात हो कि शाहरुख़ खान और आमिर खान असहिष्णुता पर बयान देकर फंस गए थे। हर तरफ से उनके खिलाफ आवाज उठने लगी थी।  साथ ही आमिर के बयान के बाद बॉलीवुड दो खेमे में बंट गया था। नगमा से लेकर अक्षय कुमार सहित प्रियंका चोपड़ा ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी थी। आमिर के बयान का पुरे देश में तगड़ा विरोध हुआ था। यह भी पढ़े-आमिर खान विवाद पर बोलीं प्रियंका चोपड़ा, कहा सभी को अपनी राय रखने का हक

गौरतलब है कि आमिर से पहले शाहरूख ने भी कहा था कि देश में असहनशीलता बढ़ी है। इसकी प्रतिक्रिया में बीजेपी नेता साध्वी प्राची ने तो यहां तक कह दिया था कि शाहरूख पाकिस्तान के एजेंट और पाकिस्तानी की विचारधारा दर्शाते हैं। वहीं बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि शाहरूख हिंदुस्तान में रहते हैं लेकिन उनकी ‘आत्मा’ पाकिस्तान में है। भारत में असहिष्णुता के नाम पर कई साहित्यकारों ने अपने सरकारी पुरस्कार को लौटा दिया था। यह भी पढ़े-मीडिया पर बरसे शाहरुख, कहा- असहनशीलता पर मैंने कोई यू-टर्न नहीं लिया

वही सलमान खान भी याकूब मेमन को लेकर विवादों में घिर गए थे। सलमान ने एक के बाद एक ट्वीट कर कहा था कि याकूब मेनन के भाई टाइगर मेनन के अपराध के लिए हम गलत आदमी को सजा देने जा रहे हैं। सलमान खान ने कहा था कि टाइगर की ही तो कमी है भारत में टाइगर को लाओ। सलमान ने कहा था कि टाइगर को फांसी पर लटकाओ, उसकी परेड कराओ न कि उसके भाई को। ज्ञात हो कि टाइगर मेमन 1993 के मुंबई बम हमले मामले का मुख्य संदिग्धों में से एक है। यह भी पढ़े-सलमान खान के याकूब मेनन की फांसी का बचाव करने पर भड़की शिवसेना, मुंबई पुलिस ने घर की सुरक्षा बढ़ाई

सलमान के इस बयान के बाद शिवसेना भड़क गयी थी और कहा था कि क्या सलमान खान मरने वाले 257 परिवारों के लोगों से मिले हैं। सलमान की चौतरफा आलोचना होने के बाद सलमान ने शाम तक माफी मांग ली थी। सलमान ने कहा था कि “मेरे पिता ने कहा कि मुझे अपना ट्वीट वापस ले लेना चाहिए, क्योंकि इससे भ्रम फैल रहा है। मैं इन्हें वापस लेता हूं।” “अगर अनजाने में मेरे ट्वीट से किसी प्रकार का भ्रम पैदा हुआ है, तो मैं बिना शर्त माफी मांगता हूँ।” यह भी पढ़े-याकूब मेमन की पैरोकारी वाले ट्वीट पर सलमान खान ने मांगी माफी

इसलिए सलमान,शाहरुख़ और आमिर खान प्रतिक्रिया देकर कोई विवाद में नहीं पड़ना चाहेंगे जिससे उनकी आलोचना हो।