‘देवो के देव ..महादेव’ में पार्वती और ‘पृथ्वीवल्लभ-इतिहास भी, रहस्य भी’ में मृणालवती के किरदार से दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बना चुकीं अभिनेत्री सोनारिका भदौरिया ने ट्रोलिंग के बारे में खुलकर बातचीत की. उन्होंने कहा, ”सोशल मीडिया पर कमेंट्स जैसी चीजें उनके लिए अब ज्यादा महत्व नहीं रखतीं और कमेंट्स न पढ़ने के निर्णय को वह अपना सबसे अच्छा फैसला मानती हैं. ये फिजूल में वक्त बर्बाद करने जैसा है.”

सोनारिका हाल ही में अपने शो ‘दास्तान-ए-मोहब्बत: सलीम अनारकली’ के प्रोमोशन के लिए गुरुग्राम आई हुई थीं. शो में वह अनारकली के किरदार में हैं. वहीं, सलीम की भूमिका में शाहीर शेख हैं. शो का प्रसारण कलर्स पर हो रहा है. सोनारिका ने एक इंटरव्यू में अपने किरदार के बारे में बताया, “मैं एक कनीज का किरदार निबा रही हूं जो एक रकासा है. ये काफी अच्छा डांस करती है. ये मेरे लिए काफी एक्साइटिंग है क्योंकि मैंने पहले ऐसे कुछ नहीं किया है.”

सोनारिका से जब पूछा गया कि फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ में मधुबाला ने अनारकली की भूमिका निभाई है, तो क्या उन्होंने किरदार की तैयारी के लिए मधुबाला से प्रेरणा ली. इस पर उन्होंने कहा, “मैं रेफरेंसेज में विश्वास नहीं करती. क्या होता है कि किसी को देखकर उस चीज की नकल करना या उसको कॉपी करना दर्शकों को फिर वही कंटेंट देने जैसा है. मेरे हिसाब से हर किरदार में कुछ नया कुछ फ्रेश आना चाहिए. यह सिर्फ सलीम और अनारकली की नए एंगल से एक प्रेम कहानी है और एक बहुत ही फ्रेश आउटपुट है.”

अभिनेत्री ने यह पूछे जाने पर कि दर्शकों को इसमें क्या खास देखने को मिलेगा तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “मैं और शहीर देखने को मिलेंगे इससे खास और क्या हो सकता है..दर्शकों को एक बहुत अच्छी लव स्टोरी देखने को मिलेगी. हम सबको प्रेम कहानियां अच्छी लगती हैं और ये भी एक ऐसी टाइमलेस एटरनल लव स्टोरी है..पहली मोहब्बत और पहला प्यार और प्यार के लिए कुछ भी कर जाने वाली फीलिंग, प्यार के लिए बगावत करना ये ऐसा कुछ अच्छा कंटेंट हम दर्शकों के लिए लेकर आ रहे हैं.”

यह पूछे जाने पर कि क्या शुरू से उन्होंने अभिनय में आने का इरादा कर रखा था तो सोनारिका ने कहा, “बिल्कुल भी नहीं. वास्तव में ये मेरी मां का सपना था. पापा तो ये चाहते थे कि मैं आईएएस अधिकारी बनूं. लेकिन, जब मैं स्कूलिंग कर रही थी तो मेरी मौसी मुंबई में मेरे साथ रहती थी और तब वह एक फैशन डिजाइनर थीं और एक शो के ऊपर काम कर रही थीं.”

उन्होंने कहा, “अपने उस शो में काम कर रहे एक एक्टर के यहां पार्टी थी तो मैं मौसी के साथ उस पार्टी में गई थी. वहां एक कास्टिंग डायरेक्टर ने मुझे देखा और मेरी मौसी को बोला कि इसको प्लीज ऑडिशन के लिए लेकर आओ. पापा को ये सब बताया तो वह बोले कि ये सब कुछ नहीं करना है. अभी पढ़ाई पर ध्यान दो.”

सोनारिका ने कहा, “जब मैं 12वीं क्लास में थी तो दोबारा उस शख्स का फोन मौसी के पास आया मेरी मां बोली मैं तेरे पापा से बात करती हूं कि ये जो सामने से ऑफर आ रहा है, क्यों नहीं करना है तो मुझे याद है कि फादर्स डे था तो पापा के पास जाकर बोली कि कम से कम एक बार ट्राइ तो करने दो. आप मुझे फादर्स डे पर ये रिटर्न गिफ्ट के तौर पर दे दो तो पापा मान गए. तो बस बोर्ड्स परीक्षा बस खत्म ही हुई थी और मैं ऐसे ही मिलने चली गई और उन्होंने मेरा ऑडिशन लिया और बस मुझे वो रोल मिल गया.”

अनारकली के किरदार के लिए तैयारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “जी, मैंने कथक सीखा है और अभी भी सीख रही हूं और अभी तक बेसिक्स थोड़े बहुत सीखे है मैंने तो कथक की तैयारी चल रही है और उसके साथ-साथ उर्दू आनी बहुत जरूरी है. मेरा एक बेस्ट फ्रेंड है अरबाज खान..तो उसके पीछे पड़ी रहती हूं मैं कि यार तू कुछ सिखा दे मुझे. वह कुछ-कुछ गुलजार साहब की पोएट्री रिसाइट करता है. शहीर के साथ जितना समय मैं बिताती हूं उस दौरान हम दोनों कोशिश करते हैं कि हम दोनों उर्दू में बात करें तो उनसे भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है.”

एक महिला होने के मायने पूछने पर उन्होंने कहा, “हम दुनिया चला रहे हैं. अगर हम न हों तो फिर तो दुनिया खत्म हो जाएगी. हम इंसान को जन्म देते हैं. ऐसा क्या है जो हम नहीं कर सकते और आजकल लड़कियां कहां से कहां पहुंच चुकी हैं यह बात मुझे बेहद खुशी और आत्मविश्वास देती है.” सोनारिका ने ड्रीम रोल के बारे में पूछे जाने पर कहा, “प्रियंका चोपड़ा ने बर्फी में जैसा करिदार निभाया था..ऐसा कुछ एक्सप्लोर करना चाहूंगी.”

यह पूछे जाने पर कि ट्रोलिंग को आप कैसे हैंडल करती हैं तो उन्होंने कहा, “देखिए पहले तो मैं बहुत इमैच्योर थी. मैं आपको बता रही हूं सब मोहमाया है. पहले देखती थी कि कितने लाइक्स आ रहे हैं, कौन-कौन कमेंट्स कर रहा है. बाद में मुझे ये एहसास हुआ कि ये चीजें महत्व नहीं रखतीं जो आपको प्यार करते हैं जो आपके काम को पसंद करते हैं, आपको सराहते हैं, वो वैसे भी करेंगे.”

उन्होंने कहा, “मैंने कमेंट्स पढ़ने बंद कर दिए हैं और मुझे लगता है कि मैंने अपनी लाइफ का सबसे बेस्ट निर्णय लिया है और जहां तक ट्रोलिंग की बात है, आजकल बहुत आसान हो चुका है. कोई भी फिजूल बैठा इंसान ये कर सकता है. लोगों के पास काम नहीं होता है और अपना फ्रस्ट्रेशन निकालते रहते हैं. वो बस दिन-रात यही करते रहते हैं तो इन पर फिजूल का वक्त बर्बाद करने का कोई मतलब नहीं बनता.”