पूर्व अभिनेत्री, लेखिका और फिल्म निर्माता ट्विंकल खन्ना ने खुद को ‘अभिनेत्री के रूप में उल्लेखनीय रूप से असफल’ बताते हुए कहा कि अगर आप अपनी सफलता को सिर पर नहीं चढ़ाते हैं और इसे जरूरत से ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते हैं, तो असफलता मिलने पर उसका सामना करना काफी आसान हो जाता है. ट्विंटर ने अपने अभिनय करियर में खास सफलता हासिल नहीं की लेकिन ‘मिसेज फनीबोंस’ से उन्होंने खुद को बतौर लेखिका स्थापित किया.

ट्विंकल गुरुवार को सर्फ एक्सेल के हालिया अभियान ‘हार को हराओ’ की पैनल चर्चा में पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी सौरव गांगुली, बैडमिंटन कोच पी. गोपीचंद सहित कई शख्सियतों संग शामिल हुईं थीं.

सफलताओं व असफताओं पर बात करते हुए ट्विंकल ने अपनी मां डिंपल कपाड़िया के साथ जुड़ी बचपन की यादें ताजा करते हुए कहा, “मैं एक दिन जब अपने परीक्षा परिणामों के साथ अपनी मां के पास गई और कहा देखिए मैंने गणित में 97 अंक हासिल किए हैं तो उन्होंने कहा कि वह मेरे वजन के साथ मेल खा रहे हैं.”

अपने जीवन के ऐसे कई किस्सों को सुनाते हुए ट्विंकल ने कहा कि उन्होंने अपनी मां से कहा था, ‘ऐसी मां होने का क्या मतलब है.’

उन्होंने कहा, “लेकिन, साल बीतने के साथ मैंने पाया कि उनकी मेरी परवरिश के दौरान इस अजीब विचारधारा अपनाने के पीछे का क्या कारण था. वह यह था कि अगर आप अपनी सफलता बहुत गंभीरता से नहीं लेते हैं तो आपके लिए असफलता को झटक देना आसान हो जाता है.”

ट्विंकल ने कहा, “जब मैंने 12वीं पूरी की तो मैं चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती थी. लेकिन, मेरे माता-पिता दोनों ही मनोरंजन के क्षेत्र में थे और वे चाहते थे कि मैं उनके नक्शे-कदम का पालन करूं और मैंने वही किया. लेकिन 8 साल बाद मैं इस निष्कर्ष पर पहुंची कि मैं एक अभिनेत्री के रूप में असफल रही हूं.”

उन्होंने आगे कहा, “यह हालांकि थोड़ा निराशाजनक था. लेकिन मैं टूटी नहीं. मैं आगे बढ़ी और आज मैं यहां हूं.”