नई दिल्ली:  ट्विंकल खन्ना द्वारा लिखित उपन्यास ‘पजामास आर फॉरगिविंग’ (Pyjamas are Forgiving) को पिछले साल के लिए कथा साहित्य के क्षेत्र में क्रॉसवर्ड बुक अवॉर्ड मिला. क्रॉसवर्ड बुक अवॉर्ड्स के 17वें संस्करण पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “लेखकों में आत्म-मूल्य की भावना को महसूस करने के लिए काल्पनिक सोच की आवश्यकता है कि उनका काम किसी के ध्यान के योग्य है और इसके बाद अपने काम को निष्पक्ष रूप से देखें. खुद को सुनें, अपने सुझाव बनाएं और उन्हें शामिल करें.” ट्विंकल के इस उपन्यास की कहानी अंशु नामक एक मध्यम आयु वर्ग की एक महिला द्वारा सुनाई गई है जो नींद की बीमारी से पीड़ित है.

संगीतज्ञ ए. आर. रहमान की जीवनी पर आधारित किताब ‘नोट़्स ऑफ ए ड्रीम’ को बायोग्राफी के लिए यह पुरस्कार मिला जिसे कृष्णा त्रिलोक ने लिखा है. नॉन-फिक्शन या अकाल्पनिक लेखन की श्रेणी में शांता गोखले की लिखी किताब ‘वन फुट ऑन द ग्राउंड : ए लाइफ टोल्ड थ्रू द बॉडी’ को ज्यूरी अवॉर्ड से नवाजा गया जबकि गौर गोपाल दास की किताब ‘लाइफ्स अमेजिंग सीक्रेट्स : हाउ टू फाइंड बैलेंस एंड परपज’ को पॉप्युलर नॉन-फिक्शन अवॉर्ड मिला.

बॉल-साहित्य की श्रेणी में पुरस्कार ‘माछेर झोल : फिस करी’ को दिया गया जिसे लेखिका ऋचा झा और चित्रकार सुमंत दे ने मिलकर तैयार किया है. इस पुरस्कार को स्वीकारते हुए झा ने कहा, “हमारा काम कल के पाठकों का निर्माण करता है.” इसी श्रेणी में सुधा मूर्ति की किताब ‘द अपसाइड-डाउन किंग : अनयूजूअल टेल्स अबाउट राम एंड कृष्णा’ को भी पुरस्कृत किया गया है. फिक्शन या कथा साहित्य के लिए लेखिका माधुरी विजय की किताब ‘द फार फील्ड’ को क्रॉसवर्ड अवॉर्ड से नवाजा गया. इस किताब को साल 2019 में साहित्य के लिए जेसीबी पुरस्कार भी मिल चुका है.

अनुवाद श्रेणी में क्रॉसवर्ड बुक अवॉर्ड जयश्री कलाथिल और एन. प्रभाकरण की विचारोत्तेजक किताब ‘डायरी ऑफ ए मलयाली मैडमैन’ को मिला है. स्वास्थ्य और फिटनेस श्रेणी में डॉ. जयश्री शरद की किताब ‘स्किन रूल्स : योर 6-वीक प्लान टू रेडियंट स्किन’ को जीत हासिल हुई है जबकि व्यवसाय और प्रबंधन श्रेणी में यह पुरस्कार अंजु शर्मा को उनकी किताब ‘कॉर्पोरेट मॉन्क, ए जर्नी फ्रॉम वेल्थ टू विसडम’ के लिए मिला है. शर्मा एक आईएएस अधिकारी हैं जो फिलहाल गुजरात में काम करती हैं.

मुंबई में मंगलवार की शाम को इसके 17वें संस्करण में क्रॉसवर्ड बुकस्टोर्स पर सभी को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया. ज्यूरी में लेखिका जेनिस पारियात, साहित्य आलोचक सोमक घोषाल, संस्कृति संपादक विवेक तेजूजा, लेखिका व ब्लॉगर मीनाक्षी रेड्डी माधवन और मूर्ति क्लासिकल लाइब्रेरी के संस्थापक रोहन नारायण मूर्ति शामिल हैं जिन्होंने फिक्शन, नॉन-फिक्शन, भारतीय भाषाओं में अनुवाद और बाल साहित्य के क्षेत्र में विजेताओं का चयन किया.