नई दिल्लीः नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (National Register of Citizens) पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) सहित देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है. सिर्फ आम ही नहीं बल्कि कई सेलिब्रिटीज ने भी इस कानून पर आपत्ति जताई है. ऐसे में बॉलीवुड एक्ट्रेस और कांग्रेस की पूर्व नेता उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) ने भी सीएए पर विरोध जताया है और इसे काला कानून बताया है. Also Read - केरल सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकता कानून और सबरीमाला मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस होंगे

उर्मिला मातोंडकर ने इस कानून की तुलना अंग्रेजों के लाए रॉलेक्ट एक्ट से की है. महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर बात करते हुए एक्ट्रेस ने कहा कि- ‘अंग्रजों को पता था कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद देश में विरोध बढ़ना तय है. ऐसे में वह रॉलेट एक्ट लेकर आए. अंग्रेजों द्वारा 1919 में लाया रॉलेट एक्ट और मोदी सरकार द्वारा 2019 में लाया नागरिकता संशोधन कानून दोनों ही इतिहास में काले कानून के रूप में दर्ज किए जाएंगे.’ Also Read - VIDEO: राहुल गांधी ने कहा- 'हम दो-हमारे दो' अच्छी तरह सुन लें, असम को कोई नहीं बांट पाएगा, CAA नहीं होगा

आपको बता दें कि उर्मिला ने 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की तरफ से मुंबई की सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन वह चुनाव हार गईं थी. अपने संबोधन में उर्मिला ने महात्मा गांधी के हत्यारे का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बापू को मारने वाला कौन था, वह एक हिंदू था और इससे अधिक भयावह मेरे लिए कुछ नहीं हो सकता.

उर्मिला ने आगे कहा कि ‘रॉलेट एक्ट और CAA दोनों ही खतरनाक कानून हैं. रॉलेट 1919 का और CAA 2019 का काला कानून है. आज जैसे लोग रास्ते पर उतर रहे हैं और कानून के प्रति अपना विरोध जता रहे हैं वैसे ही उस दौर में भी लोग रास्ते पर उतरे थे, जिन्हें बिना किसी गलती के जेल में डाल दिया गया था. 1919 के कानून के मुताबिक, देशविरोधी गतिविधि पर किसी भी शख्स को बिना पूछताछ के जेल में डालने की अनुमति सरकार को थी.’ उन्होंने आगे कहा कि, मैंने वो समय नहीं देखा, लेकिन जिस तरह से मैंने पढ़ा है ये दिन उन दिनों की याद दिलाते हैं.’