वाराणसी. अपनी शहनाई से देश दुनिया में लोगों को दीवाना बना देने वाले भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां के तीसरे बेटे उस्ताद जामिन हुसैन खां का आज निधन हो गया. उस्ताद जामिन हुसैन 74 साल के थे. शनिवार सुबह छह बजे कालीमहल स्थित अपने आवास पर उस्ताद जामिन हुसैन ने अंतिम सांस ली. उनका निधन ना सिर्फ परिवार वालों बल्कि शहनाई के चाहने वालों के लिए भी ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई अब कभी नहीं हो पाएगी. Also Read - Smart Knife: वाराणसी की लड़कियों ने बनाया 'स्मार्ट चाकू', इमरजेंसी में भेजेगा सिग्नल, जानें खूबियां

जामिन खां का इलाज कर रहे डाक्टरों ने बताया कि उन्हें किडनी की बीमारी थी हुसैन के परिजनों ने बताया कि वह पिछले दो साल से डायबिटीज और अन्य बीमारियों से पीड़ित थे. उनका कफन-दफन दरगाह फातमान में शाम पांच बजे किया जाएगा. जामिन के परिवार में उनकी पत्नी, पांच पुत्रियां और पुत्र आफाक हैदर हैं. Also Read - रात के अंधेरे में घर में लगी आग, महिला और उसके 3 बच्चों की हुई मौत

अब उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की शहनाई की परंपरा को आगे बढाने वालों में सिर्फ उनके पोते आफाक हैदर ही बचे हैं. उस्ताद जामिन हुसैन ने भी अपनी शहनाई से खूब सुर्खियां बटोरीं थी. प्रशंसक उनकी शहनाई की धुन के मुरीद रहे हैं, यही वजह है कि उनके निधन से संगीत प्रेमियों में शोक की लहर है. Also Read - अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कैंपस में छात्र की गोली मारकर हत्या, मामले की जांच में जुटी पुलिस