नई दिल्ली. हिंदी फिल्मों में गोविंदा के साथ लटके-झटके और दि्वअर्थी संवाद बोलने वाले जिस एक्टर कादर खान को आज की पीढ़ी जानती-पहचानती है, उसे शायद ही यह यकीन होगा कि रुपहले पर्दे पर इतने ‘हल्के’ डायलॉग बोलने वाला यह अभिनेता कभी कॉलेज में पढ़ाया करता था. जी हां, छात्रों को जीवन की राह दिखाने वाला यह शिक्षक फिल्मी दुनिया की रंगीनियों में गोते लगाने से पहले समाज के सबसे प्रतिष्ठित पेशे में था. कादर खान मुंबई के एम.एच सब्बू सिद्दिकी पॉलिटेक्निक और एम.एच सब्बू सिद्दिकी टेक्निकल हाईस्कूल में सिविल इंजीनियरिंग पढ़ाते थे. इस महान अभिनेता फिल्मी दुनिया में लाने का श्रेय ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार को जाता है. दरअसल, कादर खान को एक्टिंग के अलावा नाटक लेखन का भी शौक था. कॉलेज के एनुअल-डे फंक्शन में उनके नेतृत्व में एक नाटक किया जा रहा था. इसी फंक्शन में बतौर चीफ गेस्ट बनकर आए दिलीप साहब की नजरों ने कादर खान के अंदर की प्रतिभा को पहचाना था और उन्हें मायानगरी की दुनिया में ले आए.

सीनियर कॉमेडी एक्टर कादर खान का निधन, सांस लेने में थी तकलीफ

अमिताभ की दर्जनों फिल्मों के शानदार लेखक
बॉलीवुड की फिल्मों को कादर खान की एक्टिंग के साथ-साथ उनकी लेखन-प्रतिभा का भी लाभ मिला है. बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की दर्जनों ऐसी फिल्में, जिनकी वजह से अमिताभ को आज याद किया जाता है, के डायलॉग कादर खान ने ही लिखे थे. ‘लावारिस’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘शराबी’ जैसी कई फिल्में हैं, जिनके डायलॉग कादर खान की वजह से ही दमदार और असरदार माने जाते हैं. अपने पूरे फिल्मी करियर में कादर खान ने लगभग एक हजार से ज्यादा फिल्मों के डायलॉग लिखे या उनमें काम किया. फिल्म ‘खून पसीना’ से करियर शुरू करने के बाद अपने शुरुआती दौर में कादर खान जहां निगेटिव रोल में नजर आए, वहीं बाद के दिनों में उन्होंने वैसी फिल्में भी की जिन्हें कॉमेडी-फिल्मों का माइलस्टोन कहा गया.

कादर खान के सबसे अच्छे दोस्त थे बिग बी, लेकिन बाद में क्यों कहना पड़ा - ये मेरा अमिताभ नहीं है

कादर खान के सबसे अच्छे दोस्त थे बिग बी, लेकिन बाद में क्यों कहना पड़ा - ये मेरा अमिताभ नहीं है

गोविंदा और डेविड धवन के साथ बने कॉमेडी-किंग
21वीं सदी के शुरू होने से पहले के दिनों में जब मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में फूहड़ और हल्के विषयों पर बनी फिल्मों का दौर शुरू हुआ, तो इसमें भी कादर खान ने अपने को ‘फिट’ कर लिया. उन्होंने मशहूर अभिनेता गोविंदा के साथ ऐसी तमाम फिल्में की, जिसे आलोचकों ने तो किनारे कर दिया, लेकिन दर्शकों की नजर में ये फिल्में सुपरहिट साबित हुईं. डेविड धवन, गोविंदा और कादर खान की तिकड़ी, कभी फिल्मों की सफलता के लिए तयशुदा फॉर्मूला मानी जाने लगी थीं. फिल्मों में खलनायक, पिता, भाई, चाचा, दादा, दोस्त और न जाने कितनी ही चरित्र भूमिकाओं में नजर आने वाले कादर खान का आज निधन हो गया. बॉलीवुड के साथ-साथ हिंदुस्तान में बनी फिल्में देखने वाले वे तमाम दर्शक इस अभिनेता को उसकी बेमिसाल प्रतिभा के लिए हमेशा याद रखेंगे.