रॉनी स्क्रूवाला और मेघना गुलज़ार को सैम मानेकशॉ पर आधारित बायोपिक के लिए लीड हीरो मिल गया है.भारत की नई शान विक्की कौशल को लीजेंडरी सेना अधिकारी की भूमिका निभाने के लिए साइन कर लिया गया है.

इस फ़िल्म के साथ विक्की और रॉनी चौथी बार एक दूसरे के साथ सहयोग कर रहे है जो इससे पहले उरी, लव पर स्कुयर फुट और लस्ट स्टोरीज जैसे सफल सहयोग के साथ मनोरंजन कर चुके है.

सैम मानेकशॉ नाम से प्रसिद्ध इनका जन्म 3 अप्रैल 1914 को अमृतसर में हुआ था. एक पारसी परिवार में जन्मे मानेकशॉ अपने फौजी-डॉक्टर पिता की तरह डॉक्टर बनना चाहते थे लेकिन भाग्य में उनके लिए कुछ और ही था.

सैम मानेकशॉ इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमएपी) की एंट्रेंस परीक्षा पास करके 1932 में भारतीय सेना के 40 कैडेट का हिस्सा बने. उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा में फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट के साथ एक कप्तान के रूप में कार्य किया और जापानियों के खिलाफ जीत हासिल की थी. उनके प्रसिद्ध कहावत में से एक है “यदि कोई व्यक्ति कहता है कि वह मरने से नहीं डरता है, तो वह झूठ बोल रहा है या गोरखा है”

सैम मानेकशॉ को इस अवधि के दौरान उनके अनुकरणीय साहस के लिए एक मिलेट्री क्रॉस (MC) से नवाज़ा गया था.

प्रतिष्ठित व्यक्ति की पुण्यतिथि पर, आरएसवीपी जो हमेशा उन कहानियों को लाने के लिए इच्छुक रहे है, जिन्हें जनता को बताया जाना चाहिए, उन्होंने फ़िल्म से विक्की का लुक रिलीज करने में अत्यंत खुशी हो रही है जिसकी शूटिंग अगले साल के अंत में शुरू होगी. फ़िल्म की स्क्रिप्ट मेघना के साथ भवानी अय्यर और शांतनु श्रीवास्तव ने लिखी है.

फ़िल्म के बारे में बात करते हुए रॉनी स्क्रूवालाने साझा किया,” सैम मानेकशॉ का नाम इतिहास में सबसे महान सैनिकों और बुद्धिमान व्यक्ति के रूप में भारत में दर्ज है. युवा भारत को रोल मॉडल की सख्त आवश्यकता है, भारत को इस आइकन द्वारा दिए गए योगदान पर शिक्षित करने की आवश्यकता है. मैं इस पर सहयोग करने के लिए मेघना से बेहतर स्टोरी टेलर की उम्मीद नहीं कर सकता था और विक्की के साथ फिर से काम करना मज़ेदार होगा.”

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