मुंबई: अपने फिल्मी करियर में कई सफलताएं हासिल करने के साथ ही प्रशंसा पा चुकीं अभिनेत्री विद्या बालन भारत में अवॉर्ड समारोहों में धांधली करने वाली लोकप्रिय धारणा का विरोध करती हैं. एक लोकप्रिय बॉलीवुड अवॉर्ड समारोह के 2020 संस्करण का प्रमोशन करने के दौरान अभिनेत्री ने कहा कि जब कोई कलाकार अवॉर्ड जीतता है तो फिर सब कुछ उचित लगने लगता है. आगामी 65वें एमेजॉन फिल्मफेयर अवॉर्ड 2020 के प्रमोशनल कार्यक्रम के दौरान विद्या ने कहा, “लोग अवॉर्ड समारोहों के बारे में काफी कुछ बोलते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि जब आपको वह (अवॉर्ड) आपके हाथ में मिलता है, तो सब कुछ उचित लगने लगता है.”

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अभिनेत्री ने आगे कहा, “वह अहसास काफी खास होता है (अवॉर्ड विजेता बनने के बाद) सबसे पहले तो फिल्मफेयर अवॉर्ड का वह स्टैच्यू खुद में ही काफी खूबसूरत है. यह उद्योग और दर्शकों के प्यार और सराहना का प्रतीक होता है, इसलिए यह मेरे लिए बहुत खास है.”

अभिनेत्री ने कहा, “मेरे ख्याल से हर भारतीय अभिनेता और अभिनेत्री का यह फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतना सपना लगता है. यह मेरा भी सपना रहा है, लेकिन मैंने कभी स्वीकृति भाषण तैयार नहीं की, क्योंकि आप अवॉर्ड जीतने की मंशा जितनी रखोगे, आप उसे जीतने के बाद उतना ही चिंतित महसूस करेंगे. यह वास्तव में मेरे साथ लगातार चार साल हुआ. मैंने तीन साल तक सर्वश्रेष्ठ कलाकार (महिला) का अवॉर्ड जीता और एक बार मैंने सर्वश्रेष्ठ कलाकार (महिला) क्रिटिक्स अवार्ड जीता.” 65वां एमेजॉन फिल्मफेयर अवॉर्ड 2020 का आयोजन 15 फरवरी को होगा. 64 सालों की परंपरा को तोड़ते हुए इस बार यह कार्यक्रम असम में आयोजित किया जाएगा.