डायरेक्टर  और राइटर विनोद रावत की शार्ट फिल्म ‘मैड’, मुंबई फिल्म फेस्टिवल में कई पुरस्कार जीत चुकी है. मुख्य भूमिका में अभिनेत्री सोनल झा और रीता हीर हैं. फिल्म MAD का मतलब है Mother and Daughter.

इस दौड़ भाग की जिंदगी में कितना जरूरी है किसी को समझना. फिर रिश्तों का मतलब भी तो यही होता है ना. वो एक दोस्त का हो. मां-बेटी का या फिर उसका कोई भी नाम हो. समझ, प्यार और विश्वास होना जरूरी है. ये फिल्म उन्हीं रिश्तों के बारे में है. मां-बेटी का रिश्ता. सब शांत है. जिंदगी चल रही है जैसे वो अपनी रफ्तार से चलना चाहती है. किसी का कोई दखल नहीं. लेकिन हमेशा शांत तो एक नदी की धारा भी नहीं रहती फिर ये तो जिंदगी है. उछाल मारती है. मां की प्यारी बेटी (अनु) के साथ भी कुछ ऐसा ही होता है. वो रिश्तों के खोखलेपन से परेशान होकर खुद को नशे में डूबो देना चाहती है. लेकिन सच से भागना कहां इतना आसान होता है. कचोटता रहता है अंदर ही अंदर. अनु को भी दीमक की तरह चाट रहा था. वो कैसे अपनी मां को बताती कि एक लड़का उसके साथ सेक्स करने के बाद ब्लैकमेल कर रहा है. मां क्या सोचती. वो तो अपनी बेटी का घर बसाने के लिए परेशान है. लेकिन अनु हिम्मत करती है और अपनी मां को बता देती है. अब देखना ये होता है कि बिहार की एक मिडिल क्लास परिवार की महिला अपनी बेटी की इस हरकत पर कैसी रिएक्ट करती है. लेकिन फिल्म इस रिएक्शन पर ही खत्म नहीं होती आगे भी इसमें और भी कई दिलचस्प ट्वीस्ट हैं जिसके लिए आपका फिल्म देखना जरूरी है.