दिलीप कुमार और लता मंगेशकर में इस वजह से 13 सालों तक नहीं हुई थी कोई बात, जानें क्या थी वजह

Lata Mangeshkar Fight With Dilip Kumar: दिलीप कुमार औऱ लता मंगेशकर कई सालों तक एक दूसरे से बात नहीं करते थे और इसकी वजह जानकर आप भी हैरान हो उठेंगे.

Updated: January 13, 2022 8:38 AM IST

By Shilpi Singh | Edited by Shilpi Singh

Dilip kumar lata
Dilip kumar lata

बॉलीवुड की सुर कोकिला कही जाने वाली लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) इन दिनों खराब सेहत की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं और उनके फैंस हर दिन उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं. ऐसे में खबरें आ रही हैं कि वो एक हफ्ते से अधिक अभी अस्पताल में रहेंगी. ऐसे में आज हम आप आपको सिंगर के लाइफ से जुड़े हुए कुछ खास किस्से सुनाएंगे जिसमें स्वर्गी दीलिप कुमार (Dilip Kumar) का जिक्र भी होगा. दरअसल दोनों वैसे तो एक दूसरे को भाई बहन बोलते थे लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब दोनों ने करीब 13 सालों तक एक दूसरे से बात नहीं की थी, लेकिन जब रिश्ता बना तो वो आखिरी सांसों तक निभाया.

Also Read:

बॉलीवुड के सुपरस्टार दिलीप कुमार (Dilip Kumar) ने 60 के दशक में अपनी बेहतरीन अदाकारी से हमेशा ही फैंस को अपना दीवाना बनाया. वहीं, सुरों की मलिका कहलाने वाली मशहूर सिंगर लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) को दिलीप कुमार (Dilip Kumar) अपनी छोटी बहन की तरह मानते थे. साल 1957 में ऋत्विक घटक की विद्रोही कहानी मुसाफिर पर हृषिकेश मुखर्जी फिल्म बना रहे थे, ये उनकी पहली फिल्म थी. संगीत के लिए उन्होंने अपने मित्र और सुप्रसिद्ध संगीतकार सलिल चौधुरी को जोड़ा. फिल्म में तीन कहानियां थी और एक कहानी के हीरो थे दिलीप कुमार. फिल्म के हर पक्ष में दखल देने की दिलीप कुमार की आदत के चलते सलिल चौधुरी के साथ संगीत पर भी बात हुई.

गाने की एक सिचुएशन के लिए गाना चुना गया ‘लागी नाही छूटे’ जो राग पीलू पर आधारित था. ये राग भी दिलीप कुमार की पसंद था. रिकॉर्डिंग का दिन तय हुआ, लेकिन रिकॉर्डिंग के दिन लता मंगेशकर के साथ गाना गाने से वो असहज थे. काफी टालमटोल के बाद भी वो तैयार नहीं हो पाए.

सलिल चौधुरी ने उन्हें ड्रिंक पिलाकर थोड़ा जोश दिलाया, लेकिन रिकॉर्डिंग में उनकी आवाज बेसुरी और पतली सुनाई दी. रेकॉर्डिंग बर्बाद हो गयी. दिलीप कुमार, इस घटना के बाद लता से थोड़ा और नाराज रहने लगे. लता और दिलीप कुमार ने करीब 13 सालों तक एक-दूसरे से कोई बात नहीं की. फिर एक दिन 1970 में लता ने दिलीप कुमार को राखी बांधी और इस पूरी लड़ाई का अंत कर दिया. दिलीप कुमार के अलावा लता मंगेशकर गायक मुकेश और संगीतकार मदन मोहन को भी राखी बांधती थी.

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

Published Date: January 13, 2022 8:33 AM IST

Updated Date: January 13, 2022 8:38 AM IST