When Satish Kaushik Offered To Marry Neena Gupta After She Got Pregnant With Masaba Here What She Says
‘बच्चा हुआ तो कह दूंगा मेरा है’, शादी से पहले प्रेग्नेंट हुईं नीना गुप्ता तो सतीश कौशिक ने दिया था ऑफर...
नीना ने बताया था कि जब वह शादी से पहले ही प्रेग्नेंट थीं तो उस वक्त मेरे बुरे दौर में सतीश मेरे पास आए और कहा था कि दुनिया से कह देना ये बच्चा मेरा है.
सतीश कौशिक का 67 साल की उम्र में दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था, हालांकि आज भी वो हमारे दिलों पर अपने काम के जरिए राज करते हैं. सालों से पर्दे पर काम कर रहे सतीश ने ना जाने कितनी ही फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है. हालांकि वो ना केवल एक शानदार एक्टर थे बल्कि एक कमाल के दोस्त थे और आज हम आपको उनकी और नीना गुप्ता की वो किस्सा सुनाने जा रहे हैं, जिसमें वो नीना के बच्चे को अपना नाम तक देने के लिए तैयार हो गए थे.
नीना से क्यों शादी करना चाहते थे सतीश
अपनी आत्मकथा, सच कहूं तो में, नीना गुप्ता ने एक किस्सा साझा किया था कि कैसे उनके दोस्त सतीश कौशिक ने उनसे शादी का प्रस्ताव रखा था. जी हां जब वह अपनी बेटी, फैशन डिजाइनर-अभिनेत्री मसाबा गुप्ता के साथ गर्भवती थीं. वहीं 2021 के एक इंटरव्यू में, सतीश ने बताया था कि उन्होंने ऐसा क्यों किया था. दरअसल 1980 के दशक में वेस्ट इंडीज के पूर्व क्रिकेटर विव रिचर्ड्स को डेट करते हुए नीना गर्भवती हो गई थीं और इसी बात से एक्ट्रेस खासी परेशान थी.
हम शादी कर लेंगे, किसी को कुछ भी शक नहीं होगा
नीना ने खुलासा किया था कि सतीश कौशिक ने उनसे शादी का प्रस्ताव रखा था और कहा था, “चिंता मत करो, अगर बच्चा गहरे रंग का पैदा होता है, तो तुम बस कह देना कि यह मेरा है और हम शादी कर लेंगे. किसी को कुछ भी शक नहीं होगा’. 2021 में बॉम्बे टाइम्स से बात करते हुए, सतीश कौशिक ने कहा था कि वह नीना को 1975 से जानते हैं और उनके साथ उनकी गहरी दोस्ती है और उन्होंने कहा कि एक दोस्त के रूप में उनके लिए उनके प्यार के कारण उन्होंने उनसे शादी करने का प्रस्ताव रखा.
मुझे बस मेरे दोस्ती की चिंता थी
सतीश ने इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं इस बात की सराहना करता था कि उस समय एक लड़की ने बिना शादी के बच्चों के दुनिया में लाने का सोचा, एक सच्चे दोस्त के रूप में, मैं बस उसके साथ खड़ा रहा और उसे आत्मविश्वास दिया. आप नीना की बुक जो कुछ पढ़ रहे हैं वो बस सच्ची दोस्ती के तौर पर कहा गया था. मुझे उसे अकेला महसूस न होने देने की चिंता थी. आखिरकार, दोस्त इसी के लिए होते हैं, है ना? जैसा कि किताब में बताया गया है, जब मैंने उससे शादी करने की पेशकश की, तो यह मेरी सबसे अच्छी दोस्त के लिए उसकी ज़रूरत के समय में हास्य, चिंता, सम्मान और समर्थन का मिश्रण था.’
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