हिंदी फिल्म जगत का एक ऐसा विलन जिसके फिल्म में इंट्री होते ही दर्शक घबरा उठते थे। इस विलन की छवि कुछ ऐसी है की इन्हें फिल्मों में अक्सर रेपिस्ट का रोल मिलता था। अब आप समझ गए होंगे की हम अभिनेता रंजीत की बात कर रहे हैं। भारतीय सिनेमा में अपने 50 साल रंजीत का पूरा हो रहा है। अपने इस फ़िल्मी दौर को लेकर रंजीत काफी खुश हैं और दावा करते हैं भले ही उनकी फिल्मों में रोल कैसी भी रही हो लेकिन आज भी उनके दामन् में कोई दाग नही लगा है।Also Read - Madhya Pradesh: रेप के बाद मां बनी 15 साल की लड़की, गुस्से में घोंटा बच्चे का गला, ऐसे चला पता

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पंजाब के अमृतसर के नजदीक जंदियाला गुरु शहर में सिख परिवार में जन्मे रंजीत का नाम उनके परिवार ने गोपाल बेदी रखा था। लेकिन रंजीत का परिवार एक रूढ़ीवादी और जब उन्हें इस बात की जानकरी मिली की उनका बेटा फिल्मों में महिलाओं का रेप करता है तो उन्होंने परिवार से रंजीत को निकाल बाहर किया। रंजीत के परिवार को उनकी हरकत जरा भी पसंद नही आई थी लेकिन उन्हें मानाने और समझाने के लिए रंजीत को कुछ दिनों फिल्मों में काम करना बंद करना पड़ा था। काफी मशक्कत के बाद परिवार के लोग माने और फिर से रंजीत को अपनाया। यह भी पढ़ें : देखिये हिमेश रेशमिया के टॉप 10 गाने Also Read - Shakti Mills Gangrape: महिला फोटोग्राफर से गैंगरेप के दोषियों को नहीं होगी फांसी, बॉम्बे हाईकोर्ट ने सजा उम्र कैद में बदली

रंजीत को फुटबाल बेहद पसंद था और उन्हें गोलकीपर बनना था लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था और उन्हें एयरफोर्स के लिए भी चुना गया था। लेकिन रंजीत फिल्म में उनकी इंट्री हुई और रंजीत ने बताया, फिल्म ‘सावन भादो’ में रेखा के भाई के किरदार से 1966-67 में फिल्म उद्योग में कदम रखा। सुपरस्टार सुनील दत्त ने उन्हें ‘रंजीत’ नाम दिया था. उनके साथ उन्होंने 1968 में ‘रेशमा और शेरा’ फिल्म में काम किया जिसके बाद बॉलीवुड के टॉप के विलेन में उनकी गिनती होने लगी। रंजीत ने कई भाषा में और 500 से भी अधिक फिल्मों में विभिन्न किरदार निभा चुके हैं और आज भी रंजीत लिए काम सर्वोपरि है।