अज़ान पर सोनू निगम के विवादित ट्वीट के बाद इन दिनों न सिर्फ बॉलीवुड के सितारों के बीच, बल्कि देश में आम जनता के बीच भी बहस छिड़ गई है. अज़ान के मुद्दे को लेकर लोग दो गुटों में बंट गए हैं. लोग अपनी प्रतिक्रिया देने से पीछे नहीं हट रहे. लेकिन इस विवाद के बाद लोगों के ज़हन में सवाल तो उठा ही होगा कि आखिर लाउडस्पीकर पर ही अज़ान क्यों दी जाती है? सवालों का सिलसिला इन दिनों सवाल-जवाब पर आधारित वेबसाइट क्योरा पर जारी है. रीडर्स जानना चाहते हैं कि अज़ान के दौरान लाउडस्पीकर का इस्तेमाल क्यों किया जाता है? Also Read - कोर्ट ने मथुरा में कृष्‍ण जन्‍मभूमि से लगी मस्जिद को हटाने की याचिका खारिज की, इस एक्‍ट का दिया हवाला

इसलिए होता है लाउडस्पीकर का इस्तेमाल  Also Read - इकबाल अंसारी का सीबीआई कोर्ट से आग्रह- अब खत्म हो बाबरी मस्जिद का मामला

इस सवाल को लेकर अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग जवाब दिए हैं, जिसमें से कुछ ने सकारात्मक रूप से इस प्रथा को समझाने की कोशिश की है, तो वहीं कुछ ने इसके नकारात्मक पहलू को सामने रखा. मोहम्मद आरिज़ का कहना है कि लाउडस्पीकर पर अज़ान देने का मतलब है अल्लाह की इबादत के लिए मुस्लिम भाइयों को मस्जिद पर बुलाना. जैसा कि सभी जानते हैं मुस्लिम साथ मिलकर एक साथ प्रार्थना करते हैं. लाउडस्पीकर पर अज़ान देने से आवाज़ उस इलाके में मौजूद हर मुसलमान तक पहुंचती है, जिससे सब एक ही समय पर अल्लाह को याद कर पाते हैं. Also Read - बांग्लादेश में मस्जिद के 6 एसी में एक साथ ब्‍लास्‍ट, 12 नमाजियों की की मौत, कई घायल

अल्लाह की इबादत का है तरीका 

कुछ लोगों का सवाल था कि इस तरह अपने धर्म का प्रचार करने का क्या फायदा है? इसके जवाब में मोहम्मद आरिज़ ने लिखा है कि हमारा देश लोकतांत्रिक देश है. इस देश का कानून हर व्यक्ति को अपनी मर्ज़ी से और अपने ढंग से अपना धर्म चुनने और उसके अनुसार काम करने का हक़ देता है. हमारे धर्मगुरुओं ने हमें इसी तरह अल्लाह की इबादत का तरीका सिखाया है, जो पूरी तरह से लीगल है.

ध्वनि प्रदूषण की बात बेतुकी

इस मामले में सबीना जमशेद का कहना है कि इसे लेकर लोगों का परेशान होना गलत है. क्योंकि अज़ान केवल 2 मिनट की होती है. लोगों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम समुदाय ने ये तय किया है कि एक इलाके में केवल एक ही मस्जिद से अज़ान दी जाए, जिससे लोगों को परेशानी न हो. वहीं अगर हिन्दू त्योहारों में होने वाले ध्वनि प्रदूषण की बात करें तो उनकी तुलना में ये कुछ भी नहीं है.

गैर कानूनी है लाउडस्पीकर का इस्तेमाल 

वहीं, एक रीडर आदम अन्गेलो ने कहा कि लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना गैर कानूनी है. पर इसे पूरी तरह से नज़रंदाज़ किया जाता है.

बहरहाल, हम सभी जानते हैं कि हर व्यक्ति की सोच दूसरे व्यक्ति से अलग होती है. ज़ाहिर है लोगों का किसी भी मामले में एकमत होना थोड़ा मुश्किल है. ऐसे में एक-दूसरे की भावनाओं की कद्र करते हुए ही हम एकता कायम रख पाएंगे. रही बात सोनू निगम के ट्वीट से उपजे विवाद की तो ये इतनी जल्दी थमने से रहा. सोनू ने सिर मुंड़वा कर मामले को नया मोड़ दे दिया है. अब ये सिलसिला कहां जाकर थमता है इसका इंतजार हर किसी को है.