नई दिल्ली: हिंदी फिल्म जगत के अनुभवी अभिनेता मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) जिन्होंने दो बार नेशनल अवॉर्ड और पद्मश्री जैसे सम्मान को अपने सर पर सजाया है अक्सर अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीता है. साल 1994 में गोविन्द निल्हानी की फिल्म द्रोखाल से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले मनोजने खुलासा किया कि उन्हें अभी भी खुद पर संदेह होता है. Also Read - भोजपुरी गाना 'बम्बई में का बा' कांटेस्ट, मिलेगा मनोज बाजपेयी से मिलने का मौका, गिफ्ट्स भी मिलेंगे!

मनोज ने मीडिया एजेंसी से कहा, “खुद पर संदेह हमेशा रहता है. अभिनय एक बहुत ही मुश्किल कला है. यह एक ऐसा शिल्प है जो आपको कभी भी सहज होने या अपने बारे में आश्वस्त महसूस नहीं करने देता. यह कुछ ऐसा है, जिसे आप हर रोज सीख रहे हैं.” उन्होंने कहा, “आप इसमें कुछ गलत नहीं कर सकते. यह सीखने की एक सतत प्रक्रिया है. आत्म-संदेह एक ऐसी चीज है, जिससे हर अभिनेता हर रोज गुजरता है. मैं भी बाकियों से अलग नहीं हूं.” Also Read - अनुभव सिन्हा का भोजपुरी रैप सॉन्ग 'बंबई में का बा' रिलीज, मनोज बाजपेयी का टपोरी लुक रिवाइंड करके देख रहे हैं फैंस

मनोज वर्तमान में अपने रैप नंबर ‘बंबई में का बा’ के लिए प्रशंसा पा रहे हैं. इस रैप में देश में प्रवासी श्रमिकों की दुविधा को उजागर किया गया है और 9 सितंबर को रिलीज होने के बाद से इसे बहुत सराहा जा रहा है. वहीं फिल्मों की बात करें तो वह अब दिलजीत दोसांझ और फातिमा सना शेख के साथ अभिषेक शर्मा की ‘सूरज पे मंगल भारी’ में दिखाई देंगे.