'मां कसम खाओ पलटोगे नहीं' Deleted पोस्ट में युजवेंद्र चहल ने डाइवोर्स एलिमनी पर ली चुटकी, कहीं निशाना 'धनश्री' तो नहीं!

भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने दिल्ली हाई कोर्ट के डाइवोर्स और एलिमनी से जुड़े एक फैसले को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में शेयर किया था, जिसे उन्होंने बाद में डिलीट कर दिया. दिल्ली हाई कोर्ट ने इस फैसले में कहा कि यदि कोई महिला अच्छे पद पर है और आर्थिक रूप से सक्षम है, तो वह गुजारा भत्ते की हकदार नहीं है.

Published date india.com Published: October 25, 2025 1:24 PM IST
Yuzvendra Chahl and Dhanashree Verma
Yuzvendra Chahl and Dhanashree Verma

भारत के स्टार स्पिनर युजवेन्द्र चहल ने अपने इंस्टाग्राम पर एक क्रिप्टिक स्टोरी शेयर की है. इस स्टोरी में दिल्ली हाई कोर्ट के डाइवोर्स और एलिमनी से जुड़े एक फैसले को दिखाया गया है. इस फैसले में दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा कि महिला अगर किसी अच्छे पद पर है और आर्थिक रूप से सक्षम है तो वह गुजारा भत्ते की हकदार नहीं है. इसी फैसले को युजवेन्द्र चहल ने स्टोरी लगाई, जिसे कुछ देर बाद उन्होंने डिलीट कर दिया. चहल के इस कदम को सोशल मीडिया पर लोग ‘धनश्री’ से जोड़कर देख रहे हैं, जिनसे उनका हाल ही में तलाक हुआ है. बता दें कि धनश्री अभी ‘राइड एंड फॉल’ नामक रियलटी शो में बतौर कंटेस्टेंट गई हुई है. इस शो में धनश्री ने अपने गेम से खूब सुर्खियां भी बटोर रही है.

युजवेन्द्र चहल ने दिल्ली हाई कोर्ट के जिस फैसले को टैग किया है, उसमें दिल्ली हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की डिवीजन ने फैसला सुनाते हुए कहा कि महिला अगर किसी अच्छे पद पर है और आर्थिक रूप से सक्षम है तो वह गुजारा भत्ते की हकदार नहीं है. फैसले मेंकोर्ट ने ये भी कहा कि कोर्ट ने ये भी कहा कि पहले महिला को ये साबित करना होगा कि वो आर्थिक तौर पर कमजोर है और भरण पोषण की हकदार है. बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने ये फैसला इस केस में सुनाया है, जिसमें महिला रेलवे में ग्रुप एक अधिकारी है. महिला ने कोर्ट से स्थाई गुजारा भत्ते की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने महिला की इस मांग को खारिज कर दिया.

बताते चलें कि इससे पहले क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा के तलाक के केस के समय भी सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था, जहां धनश्री को 4 करोड़ से ज्यादा की एलिमनी कोर्ट से मिली थी. उस वक्त भी एक पक्ष का कहना था कि इंफ्लूएंसर ने क्रिकेटर के नाम का इस्तेमाल सिर्फ अपना करियर बनाने और मोटी एलिमनी के लिए किया. वो खुद भी सक्षम हैं, तो एलिमनी लेने का क्या मतलब बनता है? लेकिन हम आपको बता दें कि एलिमनी जेंडर न्यूट्रल लॉ है, मतलब एलिमनी सिर्फ महिला ही नहीं, बल्कि पुरुष भी ले सकता है.

इनपुट- IANS

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