
Anjali Karmakar
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से मास कॉम में मास्टर्स डिग्री. 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव. पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल न्यूज, बिजनेस और स्पोर्ट्स में खास दिलचस्पी. दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, ... और पढ़ें
आयुष्मान योजना (Ayushman Bharat Scheme)को दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम कहा जा रहा है. ये देश के सबसे गरीब 40% लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक की मुफ्त इलाज की सुविधा देती है. केंद्र सरकार ने नेशनल हेल्थ पॉलिसी (National Health Policy) के तहत 2017 में इस योजना की शुरुआत की थी. कई बार देखने को मिलता है कि कुछ अस्पताल जो आयुष्मान पैनल में शामिल होते हैं, लेकिन मरीज का इलाज आयुष्मान कार्ड पर करने से मना कर देते हैं. अगर कोई अस्पताल आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से मना करता है, तो आप उसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. आपकी शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा. सरकार ने ऐसा इंतजाम किया है.
आयुष्मान स्कीम का कौन-कौन फायदा ले सकते हैं? किन लोगों को इस स्कीम के दायरे से बाहर रखा गया है? आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन क्या प्रोसेस है? अगर कोई अस्पताल आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से मना कर देता है, तो आप कहां शिकायत कर सकते हैं? India.Com के एक्सप्लेनर में जानिए इन्हीं सवालों के जवाब:-
कौन ले सकता है इस योजना का फायदा?
कौन नहीं उठा सकते इस योजना का फायदा?
कहां मिलता है इलाज?
आयुष्मान योजना के तहत देश भर के सिलेक्टेड सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करवाया जा सकता है. अगर मरीज अस्पताल में भर्ती होता है, तो 10 दिन पहले और बाद के खर्च का भी इस योजना में कवर होता है.
कौन सी बीमारियां होती हैं कवर?
आयुष्मान योजना में पुरानी बीमारियां भी कवर होती हैं. ट्रांसपोर्ट पर होने वाला खर्च इसमें कवर होता है। सभी मेडिकल जांच, ऑपरेशन, इलाज जैसी चीजें इसमें शामिल हैं.
कोई अस्पताल आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से मना करें तो?
अगर आयुष्मान पैनल में शामिल कोई अस्पताल आपको आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से मना करता है, तो इस स्थिति में आप उसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शिकायत दर्ज कराने के लिए कई तरीके हैं:-
टोल-फ्री नंबर पर करें शिकायत
आयुष्मान भारत योजना से संबंधित शिकायत दर्ज करने के लिए आप ऑनलाइन पोर्टल (grievance.abdm.gov.in) पर जा सकते हैं. या टोल-फ्री नंबर 14555 या 1800111565 पर कॉल कर सकते हैं.
DGNO में करें कंप्लेन
आप चाहें तो अपनी शिकायत जिला शिकायत नोडल अधिकारी (DGNO) से कर सकते हैं. आपको पूछी गई सभी डिटेल्स बताकर उस अस्पताल के बारे में बताना है, जहां आपका इलाज करने से मना किया गया है. आपकी शिकायत दर्ज कराने के बाद जांच की जाएगी. अगर जांच में बात सच पाई जाती है तो उस अस्पताल पर कार्रवाई की जाएगी.
ऑनलाइन कैसे बनवाएं आयुष्मान कार्ड?
ऑफलाइन भी चेक कर सकते हैं एलिजिबिलिटी
आप ऑफलाइन नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर, ग्राम पंचायत या आशा कार्यकर्ता या अस्पताल में मौजूद आयुष्मान मित्र से भी मदद लेकर अपनी एलिजिबिलिटी चेक कर सकते हैं. एलिजिबिल होने पर वहीं के स्टाफ आपका कार्ड बनवा देंगे.
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