आयुष्मान कार्ड से इलाज करवाने में आ रही परेशानी या अस्पताल कर रहा आनाकानी? इस नंबर पर तुरंत करें कॉल

Ayushman Bharat Yojana: आयुष्मान योजना के तहत देश भर के सिलेक्टेड सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करवाया जा सकता है. अगर मरीज अस्पताल में भर्ती होता है, तो 10 दिन पहले और बाद के खर्च का भी इस योजना में कवर होता है.

Published date india.com Published: April 2, 2025 3:19 PM IST
आयुष्मान कार्ड से इलाज करवाने में आ रही परेशानी या अस्पताल कर रहा आनाकानी? इस नंबर पर तुरंत करें कॉल

आयुष्मान योजना (Ayushman Bharat Scheme)को दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम कहा जा रहा है. ये देश के सबसे गरीब 40% लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक की मुफ्त इलाज की सुविधा देती है. केंद्र सरकार ने नेशनल हेल्थ पॉलिसी (National Health Policy) के तहत 2017 में इस योजना की शुरुआत की थी. कई बार देखने को मिलता है कि कुछ अस्पताल जो आयुष्मान पैनल में शामिल होते हैं, लेकिन मरीज का इलाज आयुष्मान कार्ड पर करने से मना कर देते हैं. अगर कोई अस्पताल आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से मना करता है, तो आप उसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. आपकी शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा. सरकार ने ऐसा इंतजाम किया है.

आयुष्मान स्कीम का कौन-कौन फायदा ले सकते हैं? किन लोगों को इस स्कीम के दायरे से बाहर रखा गया है? आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन क्या प्रोसेस है? अगर कोई अस्पताल आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से मना कर देता है, तो आप कहां शिकायत कर सकते हैं? India.Com के एक्सप्लेनर में जानिए इन्हीं सवालों के जवाब:-

कौन ले सकता है इस योजना का फायदा?

  • ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग.
  • अनुसूचित जाति या जनजाति और आदिवासी समुदाय के लोग.
  • असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग.
  • दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोग.
  • गरीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करने वाले लोग.
  • दिव्यांग व्यक्ति.

कौन नहीं उठा सकते इस योजना का फायदा?

  • संगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग.
  • जिनके पास पक्का मकान और गाड़ी है.
  • ऐसे कर्मचारी जिनका हर महने PF कटता हो.
  • सरकारी कर्मचारी भी इस योजना से बाहर हैं.
  • इनकम टैक्स देने वाले लोग.
  • ESIC के सदस्य भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते.

कहां मिलता है इलाज?
आयुष्मान योजना के तहत देश भर के सिलेक्टेड सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करवाया जा सकता है. अगर मरीज अस्पताल में भर्ती होता है, तो 10 दिन पहले और बाद के खर्च का भी इस योजना में कवर होता है.

कौन सी बीमारियां होती हैं कवर?
आयुष्मान योजना में पुरानी बीमारियां भी कवर होती हैं. ट्रांसपोर्ट पर होने वाला खर्च इसमें कवर होता है। सभी मेडिकल जांच, ऑपरेशन, इलाज जैसी चीजें इसमें शामिल हैं.

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कोई अस्पताल आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से मना करें तो?
अगर आयुष्मान पैनल में शामिल कोई अस्पताल आपको आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से मना करता है, तो इस स्थिति में आप उसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शिकायत दर्ज कराने के लिए कई तरीके हैं:-

टोल-फ्री नंबर पर करें शिकायत
आयुष्मान भारत योजना से संबंधित शिकायत दर्ज करने के लिए आप ऑनलाइन पोर्टल (grievance.abdm.gov.in) पर जा सकते हैं. या टोल-फ्री नंबर 14555 या 1800111565 पर कॉल कर सकते हैं.

DGNO में करें कंप्लेन
आप चाहें तो अपनी शिकायत जिला शिकायत नोडल अधिकारी (DGNO) से कर सकते हैं. आपको पूछी गई सभी डिटेल्स बताकर उस अस्पताल के बारे में बताना है, जहां आपका इलाज करने से मना किया गया है. आपकी शिकायत दर्ज कराने के बाद जांच की जाएगी. अगर जांच में बात सच पाई जाती है तो उस अस्पताल पर कार्रवाई की जाएगी.

ऑनलाइन कैसे बनवाएं आयुष्मान कार्ड?

  • आयुष्मान योजना की ऑफिशियल वेबसाइट https://pmjay.gov.in/ पर जाएं.
  •  ‘Am I Eligible’ के ऑप्शन पर क्लिक करें.
  • अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें.
  • आपके मोबाइल पर आए OTP से लॉगिन करें.
  • अपना राज्य और आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर डालकर अपनी पात्रता चेक कर लें.
  • अगर आप एलिजिबल हैं, तो आगे की प्रक्रिया पूरी करके आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं.
  • कार्ड बनवाने के लिए आपको अपने आधार कार्ड या राशन कार्ड को PMJAY कियोस्क पर वेरीफाई करवाना होगा.
  • इसके बाद फैमिली सर्टिफिकेट पेश करना होगा और पूरी डिटेल भरनी होगी.
  • अब आप AB-PMJAY आईडी के साथ अपना ई-कार्ड प्रिंट करवा सकते हैं.

ऑफलाइन भी चेक कर सकते हैं एलिजिबिलिटी
आप ऑफलाइन नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर, ग्राम पंचायत या आशा कार्यकर्ता या अस्पताल में मौजूद आयुष्मान मित्र से भी मदद लेकर अपनी एलिजिबिलिटी चेक कर सकते हैं. एलिजिबिल होने पर वहीं के स्टाफ आपका कार्ड बनवा देंगे.

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