
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
सैलरीड क्लास के लिए प्रॉविडेंट फंड (PF Account) हमेशा से ही बहुत बड़ा सपोर्ट रहा है. इसमें जमा पैसा एम्प्लॉयी के रिटायरमेंट फंड के तौर पर काम आता है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) प्रॉविडेंट फंड अकाउंट को ऑपरेट करता है. जब आप किसी कंपनी में इनरोल होते हैं और आपकी मिनिमम मंथली सैलरी 15 हजार रुपये हो, तो आपका PF अकाउंट जरूर खोला जाता है. इसके तहत एम्प्लॉयी की बेसिक सैलरी का 12% हर महीने PF अकाउंट में डिपॉजिट होता है. इतना ही हिस्सा एम्प्लॉयर की तरफ से अकाउंट में डाला जाता है.
EPFO की तरफ से सभी एम्प्लॉयी को PF के साथ-साथ पेंशन और लाइफ इंश्योरेंस का बेनिफिट भी मिलता है. इसे एंप्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) स्कीम कहते हैं. आइए जानते हैं EDLI स्कीम क्या है? इसमें कितना कवर मिलता है? इसमें कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन क्या है? एम्प्लॉयी की मौत के बाद उसके नॉमिनी को मिलने वाली रकम का कैसे होता है कैलकुलेशन? PF होल्डर की मौत पर फैमिली EDLI स्कीम के तहत इंश्योरेंस क्लेम कैसे कर सकती है:-
क्या है EDLI स्कीम?
एंप्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) स्कीम की शुरुआत 1976 में की गई थी. EDLI स्कीम अनिवार्य रूप से कर्मचारी भविष्य निधि योजना (EPFO) में रजिस्टर्ड सभी एम्प्लॉयी को लाइफ इंश्योरेंस की दिशा में योगदान करने के लिए है. इसके तहत नैचुरल डेथ, बीमारी या एक्सीडेंटल डेथ केस में पॉलिसी होल्डर के नॉमिनी को लंपसम अमाउंट दिया जाता है. यह बेनिफिट कंपनी और केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारी को दिया जाता है.
कितने का होता है इंश्योरेंस?
इस स्कीम के तहत पहले लिमिट 3.60 लाख रुपये तक थी. सितंबर 2015 में EPFO ने इसे बढ़ाकर 6 लाख रुपये तक कर दिया. बाद में कुल रकम 7 लाख रुपये की गई है. अब सर्विस के दौरान एम्प्लॉयी की मौत होने पर उसके नॉमिनी को एकमुश्त 7 लाख रुपये दिए जाते हैं.
इंश्योरेंस के लिए एम्प्लॉयी की सैलरी से कितना कटता है पैसा?
EDLI में एम्प्लॉयी को कोई रकम नहीं देनी होती है. एम्प्लॉयी के लिए एम्प्लॉयर प्रीमियम जमा करता है. अगर किसी एम्प्लॉयी ने किसी कंपनी में कम से कम एक साल का टर्म पूरा कर लिया है. उसकी किसी हादसे या बीमारी के चलते मौत हो जाती है, तो उसके परिवार या नॉमिनी को इस इंश्योरेंस स्कीम का बेनिफिट मिलेगा.
कितना है कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन?
मौजूदा समय में ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में काम करने वाले एम्प्लॉयी की बेसिक सैलरी से 12% EPF की रकम डिडक्ट होती है. उतनी रही रकम एम्प्लॉयर भी जमा करता है. एम्प्लॉयर का कॉन्ट्रिब्यूशन 3 हिस्सों में होता है. कंपनी 3.67% रकम EPF में डालती है. 8.33% रकम EPS में जमा कराती है. EDLI स्कीम के तहत 0.50% का कॉन्ट्रिब्यूशन किया जाता है.
EDLI का कैल्कुलेशन कैसे होता है?
EDLI के कैल्कुलेशन के लिए एम्प्लॉयी की 12 महीने की एवरेज मंथली सैलरी निकाली जाएगी. ये मैक्सिमम 15 हजार रुपये होता है. इसे 30 से मल्टीप्लाई किया जाएगा. इसके साथ ही 2,50,000 रुपये का एडिशिनल बोनस दिया जाएगा.ऐसे में टोटल EDLI अमाउंट= 4,50,000 रुपये (15,000×30 दिन) + 2,50,000 रुपये बोनस = 7,00,000 रुपये.
EDLI क्लेम करना हो तो कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
अगर किसी एम्प्लॉयी की मौत हो चुकी है. उसे कंपनी की तरफ से EDLI कवर दिया जा रहा था, तो ऐसे केस में नॉमिनी क्लेम कर सकता है. इंश्योरेंस क्लेम के लिए फॉर्म 5 IF, इंश्योर्ड व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट, उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड, कानूनी उत्तराधिकारी की ओर से क्लेम दायर करने की स्थिति में उत्तराधिकार सर्टिफिकेट, अगर क्लेम नाबालिग की ओर से किया जा रहा है, तो नेचुरल गार्जियन के डॉक्यूमेंट, बैंक अकाउंट की डिटेल, कैंसिल चेक और एक पासपोर्ट साइज की फोटो की जरूरत होगी.
कैसे करें इंश्योरेंस क्लेम?
अगर EPF सब्सक्राइबर की असमय मौत हो जाती है, तो उसके नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी PF फॉर्म भरते समय उसके साथ FORM- 5IF भरकर उसके साथ व्यक्ति की डेथ सर्टिफिकेट लगाकर EPFO ऑफिस में जमा कर इंश्योरेंस क्लेम कर सकता है.
कितने दिनों में होगा सेटेलमेंट?
इंश्योरेंस क्लेम के बाद अधिकारी इसका वेरिफिकेशन करते हैं. सभी जानकारी और कागजात सही पाए जाने पर 30 दिनों के अंदर EPFO की ओर से इंश्योरेंस अमाउंट नॉमिनी के अकाउंट में डाल दिया जाता है.अगर पीएफ खाते का कोई नॉमिनी नहीं है, तो फिर कानूनी उत्तराधिकारी यह अमाउंट क्लेम कर सकता है.
निष्कर्ष
जिंदगी का कोई भरोसा नहीं. कब किसके साथ कौन सी अनहोनी हो जाए, इसका पता नहीं लगाया जा सकता. अगर परिवार के इकलौते कमाने वाले शख्स की मौत हो जाती है, तो परिवार के सामने जीने का संकट पैदा ह जाता है. ऐसे मामलों में EPFO की ये इंश्योरेंस स्कीम काम आती है. इसलिए हर PF होल्डर को इसकी जानकारी होनी चाहिए.
FAQs
EDLI इंश्योरेंस स्कीम का प्रीमियम कौन भरता है?
EDLI इंश्योरेंस स्कीम का प्रीमियम PF होल्डर को देना नहीं होता. आपकी कंपनी ही इसका प्रीमियम देती है.
PF और EPS अलग-अलग हैं?
हां. PF आपका रिटायरमेंट फंड होता है. इसमें आपकी बेसिक सैलरी का 12% जमा होता है. जबकि EPS (पेंशन) सर्विस है. इसमें आपको कुछ नहीं देना पड़ता. कंपनी इसमें 8.33% हिस्सा डालती है.
EDLI क्लेम न मिले तो कहां करें शिकायत?
अगर आपको EPFO EDLI सर्विस नहीं मिल रही है, तो आप EPFiGMS पोर्टल (epfigms.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं, या फिर हेल्पलाइन नंबर 14470 या 1800-118-005 पर कॉल कर सकते हैं.
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